नई दिल्ली। भारत में दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के केसेज एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। इस बीच WHO के चीफ डॉक्टर का कहना है कि हमें अभी भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। हमें खुद को और दूसरों को बचाना है। डॉक्टर टेड्रोस ने बताया कि कोविड से जुड़ी मौतें बीते महीने ग्लोबली 35 फीसदी बढ़ गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम सब भले कोरोना से थक गे हों लेकिन कोरोना हमसे नहीं थका है।
WHO चीफ ने ट्विटर से एक मैसेज शेयर करके दुनिया को संदेश दिया। इसमें उन्होंने कहा कि कोरोना के साथ रहने का मतलब यह नहीं कि हम लापरवाह हो जाएं। कहा जा रहा है कि वायरस के साथ रहना सीखें लेकिन एक हफ्ते में 15000 मौतें नहीं झेल सकते। उन्होंने लोगों से रिक्वेस्ट की कि वैक्सीन न लगी हो तो लगवा लें अगर बूस्टर की जरूरत हो तो वो भी लें। भीड़ से बचें, मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करें। बंद जगहों पर खासतौर पर भीड़ से बचें।
बरतने होंगे अहतियात
कोरोना पेंडेमिक को यह तीसरा साल है। कई बार डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स बता चुके हैं कि हमें इसके बीच ही रहना सीखना होगा। कोरोना कहीं नहीं जाने वाला बल्कि हमें सावधान रहना होगा और खुद को मजबूत करना होगा। अब भारत में कोरोना केसेज बढ़ने और मौतों की खबरें एक बार फिर से टेंशन दे रही हैं।
डब्लूएचओ चीफ डॉक्टर टेड्रोस का कहना है कि हमें अभी भी सारे अहतियात बरतने हैं और खुद को और सबको सुरक्षित रखना है। कोरोना वायरस पर हुई लेटेस्ट ब्रीफिंग में उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन सबसे डॉमिनेंट वैरियंट है। बीते एक महीने में BA.5 सब वैरियंट के 90 फीसदी सीक्वेंसेज मिले हैं।