यूपी सरकार की किशोरी बालिका योजना से बालिकाओं के स्वास्थ्य में हो रहा है सुधार

यूपी। आज के बच्चे कल के पिता होते है। उसी तरह आज की बच्चियाँ कल की मातायें बनेगी। बच्चियों से ही समाज की अगली पीढ़ी बनती है। इसलिए उनकी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य तथा सामाजिक विकास के लिए उन्हें हर स्तर पर सहयोग देना जरूरी है। बालिकाओं की शिक्षा से समाज शान्ति और सौहार्द से आगे बढ़ता है, वहीं परिवार में सूझ-बूझ से सामंजस्य भी बना रहता है।

शिक्षा के साथ-साथ बालिकाओं के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना जरूरी है किशोरावस्था में पहुँचने पर बालिकाओं में शारीरिक व मानसिक परिवर्तन होने लगते हैं। इसी समय किशोरी बालिकाओं को भरपूर कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन्स आदि जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। समाज में गरीब-अमीर हर-तरह के लोग रहते है।

कुछ परिवार गरीब होने के कारण अपनी बच्चियों को पोष्टिक भोजन नहीं दे पाते हैं, जिससे उनके शरीरिक एवं मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है। भरपूर भोजन प्राप्त न होने के कारण अक्सर किशोरियों में एनीमिया हो जाती है। इन्हीं परिस्थितियों के दृष्टिगत रखते हुए किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य सुधार एवं जीवन स्तर ऊपर उठाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के किशोरी बालिका योजना की शुरूआत की है। जिसके अन्तर्गत उन्हें प्रोटीन, आयरन, विटामिन एवं कार्बोहाइट्रेड से भरपूर अनुपूरक पुष्टाहार दिये जाने की व्यवस्था की गई है।

यह व्यवस्था यूपी के समस्त जिलों में संचालित है। प्रदेश सरकार द्वारा किशोरियों के लिए संचालित योजना(एसएजी) के अन्तर्गत 11 से 14 वर्ष तक की स्कूल न जाने वाली किशोरियों को लक्षित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य है कि ऐसी किशोरी बालिकाओं को शिक्षित किया जाय तथा उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार किया जाय। सरकार द्वारा संचालित इस योजना का पूरे प्रदेश में क्रियान्वयन किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार द्वारा एनीमिया दूर करने के लिए 8 से 22 मार्च 2019 तक 11 से 14 वर्ष की किशोरियों में एनीमिया से मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में स्कूल जाने वाली 11,28,901 किशोरियों के स्वास्थ्य की जाँच की गई, जिसमें 2,15,830 किशोरियां एनिमिया से ग्रस्त पायी गईं। उसी तरह स्कूल न जाने वाली 2,14,534 किशोरियों के स्वास्थ्य की जाँच की गई, जिसमें कुल 53,603 किशोरियां एनीमिया से ग्रस्त पाई गई। किशोरियों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उन्हें किशोरी हेल्थ कार्ड देते हुए उनके वजन, ऊँचाई, वॉडी मास इन्डेक्स, हीमोग्लोबीन का स्तर, खून की जाँच का परिणाम, दी गई आयरन की गोलियों की संख्या आदि का अंकलन करते हुए उनका अनुश्रवण किया जाता है।

प्रदेश सरकार ने प्रदेश के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रत्येक माह की 8 तारीख को किशोरी दिवस मनाने की व्यवस्था की है। इस दिन किशोरियों को जारी कार्ड के अनुसार शारीरिक स्वच्छता, पुष्टाहार वितरण एवं स्वास्थ्य का अनुश्रवण किया जाता है। प्रदेश की लाखों किशोरियां इस योजना से लाभान्वित हो रही है। प्रदेश के 53 जिलों की किशोरियों को काला चना, अरहरदाल, मोटा अनाज ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, मक्का, देशी घी, 4 माह के लिए एकमुश्त दिया जाता है। 22 जिलों की किशोरियों को मीठा दलिया, नमकीन दलिया एवं प्री-मिक्स लड्डू दिये जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की इस योजना से किशोरी बालिकायें लाभान्वित होकर अपना विकास कर रही हैं।

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