एंटीलिया केस में नया खुलासा:विस्फोटक रखने का मैसेज जिस फोन से किया गया, वह तिहाड़ जेल से बरामद; IM के आंतकी के पास था

मुकेश अंबानी के घर के सामने 24 फरवरी को विस्फोटक से भरी गाड़ी पार्क करने की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-उल-हिंद ने ली थी। बाद में इससे इनकार भी किया था- फाइल फोटो।

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के सामने विस्फोटक रखने की जिम्मेदारी लेने वाला मैसेज जिस फोन से किया गया था, उस फोन को तिहाड़ जेल से बरामद किया गया है। तिहाड़ जेल के बैरक नंबर 8 में बंद IM के आतंकी तहसीन अख्तर से यह फोन बरामद किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सर्च ऑपरेशन के दौरान इसे बरामद किया।

बताया जा रहा है कि इस फोन से ही वह टेलीग्राम चैनल ऑपरेट किया जा रहा था, जिससे अंबानी के घर के सामने विस्फोटक रखने की जम्मेदारी ली गई थी। पुलिस का कहना है कि फोन की फोरेंसिक जांच की जाएगी।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एक दिन पहले आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि इस निजी साइबर एजेंसी को जांच एजेंसी (संभवतः NIA) ने एक फोन ट्रैक करने को कहा था। यह वही फोन था जिस पर टेलीग्राम चैनल बनाया गया था। उन्होंने जांच एजेंसी की पहचान नहीं बताई, लेकिन कहा कि केंद्रीय एजेंसियों ने यह जानकारी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को दी है। इस बीच मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वझे का ट्रांसफर क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) से मुंबई पुलिस हेडक्वाटर सिटीजन फेसिलेशन सेंटर में कर दिया है।

सिम कार्ड की लोकेशन तिहाड़ जेल थी
निजी साइबर फर्म की ओर से तैयार एक सिक्योरिटी एनालिसस रिपोर्ट के मुताबिक, यह टेलीग्राम चैनल 26 फरवरी को दोपहर 3 बजे ‘टार’ नेटवर्क के जरिए बनाया गया था, जिसका इस्तेमाल डार्क वेब का इस्तेमाल करने के लिए किया जाता है। जिस सिम कार्ड से यह किया गया था उसकी लोकेशन तिहाड़ जेल आ रही थी।

एंटीलिया के सामने 24 फरवरी को विस्फोटक से भरी गाड़ी पार्क करने की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-उल-हिंद ने 28 फरवरी को ली थी। हालांकि, इसके अगले ही दिन एक और टेलीग्राम चैनल से इसी संगठन ने एक पोस्टर जारी कर इस बात से इनकार कर दिया था।

विस्फोटक रखने की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन ने लिखा था, ‘यह सिर्फ ट्रेलर है और पिक्चर अभी बाकी है। रोक सको तो रोक लो। तुम कुछ नहीं कर पाए थे, जब हमने तुम्हारी नाक के नीचे दिल्ली में हिट किया था, तुमने मोसाद के साथ हाथ मिलाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। तुम्हें मालूम है तुम्हें क्या करना है। बस पैसे ट्रांसफर कर दो, जो तुम्हें पहले बोला गया है।’

क्या है पूरा मामला?
25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के पैडर रोड स्थित एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली थी। 24 फरवरी की रात 1 बजे यह गाड़ी एंटीलिया के बाहर खड़ी की गई थी। दूसरे दिन गुरुवार को इस पर पुलिस की नजर पड़ी और कार से 20 जिलेटिन की रॉड बरामद की गई थीं।

5 मार्च को स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव बरामद हुआ था। जिसके बाद महाराष्ट्र ATS ने मनसुख की हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसके लिए 2 हजार से ज्यादा CCTV कैमरों को खंगाला जा रहा है। मनसुख ने कुछ दिन पहले ही गाड़ी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।साभार-दैनिक भास्कर

आपका साथ – इन खबरों के बारे आपकी क्या राय है। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं। शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें।हमारा न्यूज़ चैनल सबस्क्राइब करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Follow us on Facebook http://facebook.com/HamaraGhaziabad
Follow us on Twitter http://twitter.com/HamaraGhaziabad

Exit mobile version