भारत अकेला देश जहां बिना तैयारी के हुआ लॉकडाउन – सोनिया गांधी

कार्यकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए लगातार चिकित्सा जांच की जरूरत है और चिकित्साकर्मियों को पूरा सहयोग दिया जाए तथा उन्हें सभी निजी सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं। सोनिया ने पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में यह टिप्पणी की। सोनिया गांधी ने कहा कि 21 दिन का लॉकडाउन जरूरी था, लेकिन इसे अनियोजित तरीके से लागू किया गया। लॉकडाउन के कारण लाखों प्रवासी मजदूरों का उत्पीड़न हुआ।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के ट्वीट के मुताबिक बैठक में सोनिया ने कहा, ‘हम इस अप्रत्याशित स्वास्थ्य एवं मानवीय संकट के समय मिल रहे हैं। हमारे सामने यह बहुत बड़ी चुनौती है लेकिन इससे निजात पाने का हमारा संकल्प ज्यादा बड़ा होना चाहिए।’

‘विश्वसनीय ढंग से चिकित्सा जांच करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं’
सोनिया ने कहा, ‘लगातार और विश्वसनीय ढंग से चिकित्सा जांच करने के अलावा कोविड-19 से लड़ने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। हमारे चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को सभी तरह का सहयोग मिलना चाहिए।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को एन-95 मास्क और सूट जैसे निजी सुरक्षा उपकरण युद्ध स्तर पर मुहैया कराने की जरूरत है।

सोनिया ने लॉकडाउन के मुद्दे पर कहा, ‘कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण बने हालात से निपटने के लिए सरकार को एक विस्तृत रणनीति बनाना चाहिए थी।’ इस बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 की चुनौती से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस पार्टी राष्ट्र के साथ खड़ी है।’ इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना मुख्य रूप से उम्रदराज, फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह और हृदय रोग वाले लोगों पर हमला कर रहा है। सभी राज्य सरकारों को इन श्रेणियों के लोगों के लिए विशेष परामर्श जारी करने के साथ उनकी देखभाल करनी चाहिए।


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