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पुलिस ऑफिसर बन गया स्टूडेंट और पकड़ा गया ऑनलाइन परीक्षा हैक गैंग, जानिए हैरान कर देने वाला पूरा मामला

दिल्ली। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर यूनिट ने ऑनलाइन एग्जाम्स में सिस्टम हैक कर चीटिंग कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके लिए 10 दिनों तक दिल्ली, मुंबई, जयपुर और गुरुग्राम में छापेमारी की गई।

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह जीमैट, जेईई जैसे प्रतिष्ठित ऑनलाइन एग्जाम में चीटिंग कराते थे। इतना ही नही इस गैंग के लोगो ने नेवी, आर्मी और एसएससी जैसे एग्जाम में सिस्टम हैक कर 500 से ज्यादा कैंडिडेट की ऑनलाइन चीटिंग कराने की बात कबूल की है। गिरफ्तार आरोपियों में राज तेवतिया (33) हरियाणा के पलवल का रहने वाला है। वहीं, हरियाणा के ही करनाल का मोहित शर्मा (35), मुंबई निवासी हेमल शाह (42), अरशद धुना (39), सलमान धुना (28) और दिल्ली के पीतमपुरा निवासी कुणाल गोयल (39) को भी गिरफ्तार किया गया है।

आईएफएसओ यूनिट के डीसीपी केपीस मल्होत्रा ने बताया, ‘हमें पता चला कि कुछ स्टूडेंट्स जीमैट एवं अन्य परीक्षाओं में अच्छे नंबर पाने के लिए कोचिंग सेंटरों को मोटी रकम दे रहे हैं। तब इसका भांडाफोड़ करने के लिए एक पुलिस ऑफिसर को कैंडिडेट बनाकर टीम से संपर्क किया गया। उसने जीमैट में अच्छा नंबर लाने के लिए पैसे का ऑफर दिया। डील 6 लाख रुपये से शुरू हुई और 4 लाख रुपये पर फाइनल हुई। बयाने के तौर पर कुछ पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए गए। बकाया रिजल्ट आने के बाद दिए जाने की बात हुई और जब रिजल्ट आया तो पुलिस वाले को 800 में 780 नंबर आ गए।’ जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर इस गिरोह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 15 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

टीम के मास्टर माइंड राज तेवतिया पर हरियाणा में एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह पिछले साल सितंबर में हुए जेईई मेन पेपर की हैकिंग के संबंध में सीबीआई का भी वांटेड है। माना जा रहा है कि इस ग्रुप ने 18 कैंडिडेट्स को जीमैट की परीक्षा पास करवा दी जबकि अन्य परीक्षाओं में भी करीब 500 परीक्षार्थियों को मदद कर रहा था। यह गैंग परीक्षार्थियों से लाखोंं रुपये वसूलता था और रिमोट एक्सेस के जरिए परीक्षा दिलवाता था। इसके लिए बकायदा एक रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया जाता था जिसे ट्रैक भी नहीं किया जा सकता था।

गिरोह का सरगना 33 वर्षीय राज तेवतिया अपनी रशियन प्रेमिका लतालिया के जरिये रूस के हैकरों के संपर्क में आया था। वह पिछले पांच साल से परीक्षाओं को हैक कर रहा था। वर्ष 2017 में वह गोवा में लतालिया से मिला था। फिर वर्ष 2018 में वह उससे मिलने रूस गया। वहां पर लतालिया ने मिशा और वेन नाम के दो हैकरों से उसकी मुलाकात करवाई थी। इन दोनों को राज तेवतिया ने काफी पैसे देकर एक ऐसा उपकरण विकसित करवाया जिसके जरिये उसकी पहुंच आनलाइन परीक्षा प्रणाली तक हुई। इस साफ्टवेयर से लैस लैपटाप को परीक्षा केंद्र के सर्वर से कनेक्ट करके उसका कंट्रोल ले लेते थे और परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों के आइपी एड्रेस का इस्तेमाल प्रश्नपत्र हल करने के लिए करते थे।

अधिकारी ने बताया कि राज अपने ग्राहकों और साथियों की तलाश टेलीग्राम और फेसबुक के चैनलों के जरिये करता था। मुंबई के तीनों आरोपित राज को एक टेलीग्राम चैनल के माध्यम से मिले थे। वह राज के लिए ग्राहक लाते थे, वहीं मोहित शर्मा छात्रों को जीमैट की तैयारी करवाता था। राज ने उसे अधिक पैसा देने का लालच देकर गिरोह में शामिल किया था। मोहित साल्वर की तौर पर काम करता था। वह फेसबुक पेज के जरिये राज के संपर्क में आया था। वहीं, बाकी दो अन्य सदस्य भी ग्राहक लाते थे।

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