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ओमीक्रोन का खौफ: कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर मोदी सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रोन (B.1.1.529) ने दुनियाभर में एक बार फिर डर पैदा कर दिया है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार को भारत आने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए नई संशोधित गाइडलाइन की घोषणा की। वहीं, केंद्र ने उन देशों की एक सूची भी जारी की है जहां ओमिक्रोन के मामले सामने आए हैं। इस सूची में पड़ोसी देश चीन और बांग्लादेश भी शामिल है। जिससे देश पूरी तरह से अलर्ट है।

केंद्र ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें लगभग एक दर्जन जोखिम( At Risk) वाले देशों को सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही वैक्सीनेटेड लोगों को दी गई छूट को भी हटा दिया गया है। बता दें कि लगभग डेढ़ साल से अधिक समय के बाद भारत सरकार ने 26 नवंबर को 15 दिसंबर से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी।

गाइडलाइन

  • सबसे पहले, इंटरनेशनल ट्रैवलर्स को भारत में एंट्री करते ही कोविड -19 टेस्ट के लिए अपने सैंपल सबमिट करने होंगे। उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट से निकलने या चढ़ने से पहले एयरपोर्ट पर अपने कोविड रिपोर्ट के लिए इंतजार करना होगा।
  • अगर किसी ट्रैवलर की कोविड रिपोर्ट एयरपोर्ट पर (आगमन के बाद या प्रस्थान से पहले) पॉजिटिव आती है, तो उन्हें आइसोलेट किया जाएगा और क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज किया जाएगा। ऐसे यात्रियों का ‘होल जीनोम सीक्वेंसिंग’ के लिए सैंपल लिया जाएगा।
  • फ्लाइट के बोर्डिंग के समय, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद केवल एसिम्प्टोमैटिक ट्रैवलर्स को ही चढ़ने की अनुमति दी जाएगी। सभी यात्रियों को अपने मोबाइल डिवाइस पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई है।
  • हालांकि, अगर यात्री कोविड टेस्ट में नेगेटिव पाए जाते हैं, तो भी उन्हें 7 दिनों के लिए होम आइसोलेशन से गुजरना होगा, इसके बाद भारत आगमन के 8वें दिन उन्हें एक बार फिर टेस्ट कराना होगा और सात दिनों तक सेल्फ मॉनिटरिंग करनी होगी।
  • अगर ट्रैवलर्स के कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो उनके सैंपल जीनोमिक टेस्ट के लिए INSACOG लेबोरेटरी नेटवर्क को भेजे जाएंगे। सभी कोविड-पॉजिटिव अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आइसोलेट किया जाएगा और स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के अनुसार उनका इलाज किया जाएगा, जिसमें कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी शामिल है।
  • पॉजिटिव शख्स के संपर्क में आने वाले लोगों को इंस्टीट्यूशनल या होम क्वारंटीन के तहत रखा जाएगा, प्रोटोकॉल के अनुसार संबंधित राज्य सरकार द्वारा निगरानी की जाएगी।

जोखिम वाले देशों की सूची
सूची में वह देश हैं जहां ओमिक्रोन के मामले पाए गए हैं। वैरिएंट पहली बार दक्षिणी अफ्रीका में पाया गया था और तब से यह कई देशों में फैल गया है। सरकार की तरफ से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार यूके, पूरे यूरोप और 11 देशों को जोखिम वाले देशों में शामिल किए गया है। जिसमें दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़राइल शामिल।

दूसरे देशों के यात्रियों के लिए नियम
जोखिम वाले देशों के अलावा अन्य देशों से भारत आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें 14 दिनों तक सेल्फ मॉनिटरिंग करनी होगी। संशोधित गाइडलाइन के अनुसार, इन देशों से आने वाले 5 फीसदी यात्रियों का रैंडम आधार पर कोविड टेस्ट किया जाएगा। अगर यात्री होम क्वारंटीन में या सेल्फ मॉनिटरिंग के दौरान पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो उन्हें खुद को आइसोलेट करना होगा और नजदीकी हेल्थ केयर फैसिलिटी में संपर्क करना होगा।

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