प्रयागराज, बृहस्पतिवार: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को प्रयागराज पहुंचे और अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में सफाई कर्मियों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। सफाई कर्मियों ने पूरे महाकुंभ क्षेत्र में स्वच्छता की जिम्मेदारी बखूबी निभाई, जिसके लिए सीएम योगी ने उनकी सराहना की और उनके योगदान को अमूल्य बताया। उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ पंडाल में सफाई कर्मियों के साथ भोजन भी किया।
सफाई कर्मियों के कार्य की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों की अथक मेहनत और लगन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे समर्पण के साथ कार्य कर महाकुंभ को स्वच्छ और सुंदर बनाया। उन्होंने कहा, “सफाई कर्मियों ने महाकुंभ को गंदगी मुक्त बनाने में जो योगदान दिया है, वह सराहनीय है। उनकी मेहनत से ही यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। दिन-रात की गई मेहनत का परिणाम यह रहा कि देश-विदेश से आए श्रद्धालु यहां की सफाई व्यवस्था देखकर प्रसन्न हुए।”
महाकुंभ का ऐतिहासिक समापन
संगम पर 45 दिनों तक चले महाकुंभ का औपचारिक समापन बृहस्पतिवार को हो गया। हालांकि, इसका धार्मिक समापन महाशिवरात्रि के दिन अंतिम स्नान पर्व के साथ हो गया था। इस ऐतिहासिक महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश के हर दूसरे व्यक्ति ने आस्था के इस महापर्व में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद संगम का पवित्र जल अपने घर ले जाकर पुण्य अर्जित किया।
स्वच्छता का संदेश देते हुए खुद की सफाई
महाकुंभ समापन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं अरैल घाट की सफाई की। उन्होंने कूड़ा बीनकर डस्टबिन में डाला और स्वच्छता का संदेश दिया। साथ ही, संगम तट पर साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया और मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री की यह पहल समाज को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का एक उदाहरण बनी।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों की उपस्थिति रही। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, सुरेश खन्ना, राकेश सचान, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, विधायक हर्षवर्धन, सिद्धार्थनाथ सिंह, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, वाचस्पति, सुरेंद्र चौधरी, केपी श्रीवास्तव, पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, और प्रयागराज के महापौर उमेशचंद्र गणेश केसरवानी भी उपस्थित रहे।
महाकुंभ का स्वच्छ और भव्य आयोजन
महाकुंभ 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सफाई, सुरक्षा और यातायात की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की थी। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद प्रयागराज को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना सरकार और सफाई कर्मियों के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने सफलता पूर्वक निभाया। स्वच्छता अभियान के तहत संगम क्षेत्र को पूरी तरह गंदगी मुक्त किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सफाई कर्मियों का सम्मान और खुद सफाई कर स्वच्छता का संदेश देना एक प्रेरणादायक पहल है। महाकुंभ 2025 का यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी ऐतिहासिक रहा। इस महाकुंभ में आए करोड़ों श्रद्धालुओं ने एक ऐसे आयोजन का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया, जो भारतीय संस्कृति, आस्था और स्वच्छता का अद्भुत संगम था।
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