गुजरात के बनासकांठा में अवैध पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट, 21 की मौत

गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा कस्बे के पास स्थित एक गोदाम में मंगलवार सुबह हुए भीषण विस्फोट में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने गोदाम के मालिक दीपक मोहनानी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि इस गोदाम में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।
विस्फोट से तबाह हुआ पूरा इलाका
बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक चिराग कोराडिया के अनुसार, बनासकांठा पुलिस की एक टीम ने दीपक मोहनानी को पड़ोसी साबरकांठा जिले से गिरफ्तार किया। यह गोदाम ‘दीपक ट्रेडर्स’ के नाम से संचालित था और इसका स्वामित्व दीपक और उनके पिता खूबचंद मोहनानी के पास था।
यह विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी इमारत ध्वस्त हो गई। जिला कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि विस्फोट के कारण मजदूरों के शरीर के अंग 200-300 मीटर दूर तक उड़ गए। इतना ही नहीं, इस गोदाम के पास रहने वाले मजदूरों के परिवार भी इसकी चपेट में आ गए और कई लोगों की जान चली गई।
मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर बने हादसे के शिकार
इस भयावह हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग मध्यप्रदेश के हरदा और देवास जिले के रहने वाले थे। मृतकों में पांच मासूम बच्चे और कई महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने मृत बच्चों की पहचान अभिषेक (3), किरण (5), रुक्मा (6), राधा (10) और कृष्णा (12) के रूप में की है। हादसे में जिन महिलाओं की मौत हुई, उनमें लक्ष्मी नायक (50), दलिबेन नायक (25), केसरबेन नायक (40), सुनीताबेन नायक (19) और गुड्डिबेन नायक (30) शामिल हैं।
इसके अलावा, तीन वर्षीय नैना समेत छह लोग इस घटना में घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बचाव कार्य में जुटी टीम, फॉरेंसिक जांच जारी
इस त्रासदी के बाद तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि मौके पर सात अग्निशमन दल, आठ एम्बुलेंस, एक राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम और चार बुलडोजर भेजे गए। पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोट के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।
पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पांच जांच दल गठित किए हैं। इसके अलावा, पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी बनाई गई है, जो मामले की गहराई से जांच करेगी।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, अनुग्रह राशि की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। पीएमओ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “गुजरात के बनासकांठा में हुए इस हादसे से अत्यंत दुखी हूं। अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मध्य प्रदेश सरकार ने जताया शोक, कांग्रेस ने की मुआवजे की मांग
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता करेगी। वहीं, कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने सरकार से मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने और इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
अवैध पटाखा उद्योग पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने फिर से देश में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण की खतरनाक हकीकत को उजागर कर दिया है। हर साल इस तरह की घटनाएं जान-माल की भारी क्षति पहुंचाती हैं, लेकिन अवैध पटाखा कारोबार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह मामला पुलिस और प्रशासन की लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
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