राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अवैध रूप से अमेरिका भेजने के मामले में एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर निवासी गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी को रविवार को गिरफ्तार किया गया।
क्या है डंकी रूट?
डंकी रूट उन खतरनाक और अवैध मार्गों को कहा जाता है, जिनका उपयोग प्रवासी बिना उचित दस्तावेजों के अमेरिका और अन्य देशों में प्रवेश करने के लिए करते हैं। इस यात्रा को सुगम बनाने का काम मानव तस्करी सिंडिकेट द्वारा किया जाता है।
मामले की पृष्ठभूमि
एनआईए द्वारा जारी बयान के अनुसार, पंजाब के तरनतारन जिले के रहने वाले पीड़ित को इस महीने की शुरुआत में भारत वापस भेज दिया गया था। पीड़ित को दिसंबर 2024 में डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा गया था।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने अवैध आव्रजन के लिए आरोपी एजेंट को लगभग 45 लाख रुपये का भुगतान किया था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने 15 फरवरी को पीड़ित को भारत वापस भेज दिया, जिसके बाद उसने आरोपी एजेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
एनआईए की जांच में खुलासा
यह मामला मूल रूप से पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसे 13 मार्च को एनआईए ने अपने हाथ में लिया। जांच के दौरान यह सामने आया कि गोल्डी ने अवैध डंकी रूट के माध्यम से पीड़ितों को स्पेन, साल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजा।
गोल्डी के गिरोह का अपराध
जांच में यह भी पता चला कि गोल्डी के पास विदेश भेजने के लिए कोई लाइसेंस, कानूनी परमिट या पंजीकरण नहीं था। इसके बावजूद वह लोगों को गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजने में लिप्त था।
बयान में यह भी कहा गया कि गोल्डी के सहयोगियों ने यात्रा के दौरान पीड़ित के साथ मारपीट की, उसका शोषण किया और उसके पास मौजूद डॉलर छीन लिए।
एनआईए की कार्रवाई
एनआईए अब इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए गहन जांच कर रही है। एजेंसी उन अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है, जो इस अवैध तस्करी में शामिल हो सकते हैं।
डंकी रूट के जरिए अवैध आव्रजन एक बड़ा अपराध बन चुका है, जिसमें कई मासूम लोग फंस जाते हैं। एनआईए की इस कार्रवाई से अवैध मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कड़ा संदेश जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
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