गुवाहाटी में खेले गए रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 6 रन से हराकर आईपीएल 2025 में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस मुकाबले में नीतीश राणा ने विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 36 गेंदों में 81 रन ठोक दिए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया।
नीतीश राणा की तूफानी पारी
राजस्थान रॉयल्स के लिए नीतीश राणा ने बल्लेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 चौके और 5 छक्कों की मदद से मात्र 36 गेंदों में 81 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। अपनी पारी के बाद उन्होंने कहा, “मैं पावरप्ले का अधिकतम लाभ उठाना चाहता था, क्योंकि नई गेंद बल्लेबाजी के लिए अनुकूल होती है। जैसे ही गेंद पुरानी होती है, पिच से स्पिन मिलने लगती है, इसलिए शुरुआती ओवरों का फायदा उठाना जरूरी था।”
कोच के फैसले पर राणा की प्रतिक्रिया
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने को लेकर जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “यह फैसला कोच ने लिया था और मैं किसी भी क्रम पर खेलने के लिए तैयार हूं। टीम की रणनीति के अनुसार, चौथे नंबर पर मैं ज्यादा आक्रामक खेल रहा था और तीसरे नंबर पर रियान पराग भी यही करने की कोशिश कर रहे थे। इसलिए टीम ने मुझे तीसरे नंबर पर भेजा और यह रणनीति कारगर साबित हुई।”
हसरंगा के जादुई स्पिन का कमाल
राजस्थान रॉयल्स की जीत में लेग स्पिनर वानिंदु हसरंगा ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और चेन्नई के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। राजस्थान ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 182 रन बनाए, जिसके जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स 20 ओवर में 6 विकेट पर 176 रन ही बना सकी।
चेन्नई के लिए निराशाजनक प्रदर्शन
चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने 63 रनों की पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। 2019 के बाद से चेन्नई की टीम 180 से ऊपर के लक्ष्य का पीछा करने में असफल रही है और इस मैच में भी यह सिलसिला जारी रहा।
क्या धोनी का जादू खत्म हो रहा है?
कभी दुनिया के सबसे बेहतरीन फिनिशर कहे जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी इस बार टीम को जीत नहीं दिला सके। पिछले मैच में नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के बाद, इस बार वह सातवें नंबर पर उतरे। जब वह मैदान में आए, तब चेन्नई को 12 गेंदों में 39 रनों की जरूरत थी। उन्होंने तुषार देशपांडे के ओवर में एक चौका और एक छक्का लगाया, लेकिन अंतिम ओवर में संदीप शर्मा की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बाउंड्री के पास शिमरोन हेटमायेर को कैच थमा बैठे।
धोनी ने 11 गेंदों में 16 रन बनाए, जबकि रविंद्र जडेजा 22 गेंदों में 32 रन बनाकर नाबाद लौटे। अंतिम ओवर में जीत के लिए 20 रन चाहिए थे, लेकिन चेन्नई की टीम इसे हासिल नहीं कर पाई और लगातार दूसरी हार झेलनी पड़ी।
राजस्थान की जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
राजस्थान रॉयल्स के लिए यह जीत बेहद अहम रही, क्योंकि यह उनके लिए इस सीजन की पहली जीत थी। टीम के प्रदर्शन में सुधार दिखा और नीतीश राणा के शानदार फॉर्म से टीम को आगे के मैचों के लिए आत्मविश्वास मिलेगा।
इस मैच ने दर्शकों को जबरदस्त रोमांच दिया। राजस्थान रॉयल्स ने जहां रणनीतिक बल्लेबाजी और घातक गेंदबाजी से जीत दर्ज की, वहीं चेन्नई सुपर किंग्स को अपने मध्यक्रम के बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। धोनी के फिनिशिंग कौशल पर भी सवाल उठने लगे हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले मुकाबलों में वह और उनकी टीम किस तरह से वापसी करती है।
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