योगी सरकार ने छह नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने की दी मंजूरी, गाजियाबाद समेत इन जिलों को मिलेगा ‘तोहफा’

सीएम योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने छह नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने के साथ 22 अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। यह नई यूनिवर्सिटी गाजियाबाद, मथुरा, फर्रुखाबाद, आगरा और मेरठ में खोली जाएंगी।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों के खुलने से छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि छोटे शहरों में निजी विश्वविद्यालयों के लिए राज्य सरकार कई तरह के इंसेंटिव देगी। इसके लिए राज्य सरकार जल्द नई पॉलिसी लाएगी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने छोटे शहरों में निजी विश्वविद्यालयों के लिए पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं।

इन छह नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी को मिली इजाजत

1- के.एम यूनिवर्सिटी, मथुरा
2. एस.डी सिंह यूनिवर्सिटी, फर्रुखाबाद
3. अग्रवन हेरिटेज यूनिवर्सिटी, आगरा
4. एस.डी.जी.आई ग्लोबल यूनिवर्सिटी, गाजियाबाद
5. विद्या यूनिवर्सिटी, मेरठ
6. महावीर यूनिवर्सिटी, मेरठ

विद्यालय को देनी होगी 25% मैचिंग ग्रांट
प्रदेश के जर्जर हो चुके पुराने एडेड माध्यमिक विद्यालयों की सूरत संवारने का रास्ता साफ हो गया है। प्रॉजेक्ट अलंकार के तहत कॉलेजों को अब अब सिर्फ 25% मैचिंग ग्रांट ही देनी होगी। बाकी 75% धनराशि सरकार खर्च करेगी। प्रॉजेक्ट अलंकार के तहत वर्ष 2022-23 के बजट में एडेड विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। एडेड स्कूलों के लिए शर्त रखी गई कि जितने का निर्माण कार्य होगा, उसकी 50% धनराशि उन्हें खुद उठानी होगी।

ऐसे में सरकार के काफी प्रयास के बावजूद विद्यालयों ने प्रस्ताव नहीं भेजे। इसे देखते हुए सरकार ने मैचिंग ग्रांट में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया। इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी गई। विद्यालयों को जो 25% मैचिंग ग्रांट देनी होगी, इसमें भी सीएसआर और विधायक निधि से सहयोग लिया जा सकेगा। ऐसे विद्यालय जो 70 साल से अधिक पुराने हैं, उनका जीर्णोद्धार हो सकेगा। विद्यालय डीआईओएस के माध्यम से प्रस्ताव भेजेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के स्तर से तीन चरणों में 40:40:20 के अनुपात में धनराशि जारी की जाएगी।

बिना विकल्प भरे भी ग्रैच्युटी
एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा सेवानिवृत्ति की उम्र मा विकल्प न भरे जाने के बावजूद उनकी मृत्यु हो जाने पर परिवार को ग्रैच्युटी मिलेगी। शिक्षकों को 60 या 62 साल में रिटायरमेंट का विकल्प भरना होता है। जो 62 साल का विकल्प भरते हैं, उनको ग्रैच्युटी का लाभ नहीं मिलता। कुछ शिक्षक विकल्प नहीं भरते। ऐसे में 60 साल की उम्र से पहले मृत्यु होने पर उनके परिवार को ग्रैच्युटी नहीं मिलती थी। इसमें संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

Exit mobile version