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लाउडस्पीकर विवाद पर PFI की राज ठाकरे को धमकी- छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं…

ठाणे। चरमपंथी इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने शुक्रवार को खुली धमकी देते हुए कहा कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए गए तो वे किसी को नहीं बख्शेंगे। रामनवमी के जुलूसों पर हमले में कथित रूप से शामिल होने को लेकर कई राज्यों में जांच के घेरे में आने वाले इस संगठन ने कहा कि कुछ लोगों को अज़ान से परेशानी होती है लेकिन अगर लाउडस्पीकरों को छुआ गया तो परिणाम भुगतने होंगे।

मुंबई से सटे ठाणे ग्रामीण के मुस्लिम बहुल इलाके मुम्ब्रा में जुमे की नमाज के बाद संगठन के मुम्ब्रा अध्यक्ष मतीन शेखानी ने कहा कि हमें छेड़ोगे तो हम भी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा- मैं उन्हें केवल एक संदेश देना चाहता हूं – हम शांति चाहते हैं। जुमे की नमाज के बाद PFI समर्थकों का भारी मजमा लगा तो PFI के मुंब्रा अध्यक्ष मतीन शेखानी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने लगे। मतीन शेखानी का भाषण खत्म हुआ तो इसने पुलिस को एक ज्ञापन दिया और सौंपने से पहले पुलिस अफसर से कानाफूसी की।

वीडियो देख ऐसा लग रहा था जैसे मुंब्रा थाने के PI अशोक नारायण कडलक और शेखानी में हंसी-मजाक चल रहा हो। लेकिन हैरानी की बात ये कि इस दौरान मौजूद भीड़ लगातार नारा ए तकबीर..अल्लाह हू अकबर जैसे नारे लगाती रही। इस दौरान पुलिसवाले तमाशबीन बने रहे, लेकिन भीड़ को मजहबी नारेबाजी करने से रोका नहीं गया। मुंब्रा पुलिस ने पीएफआई के अब्दुल मतीन शेखानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 (3) और 135 के तहत एक अवैध सभा के लिए प्राथमिकी दर्ज की है जहां उन्होंने यह भाषण दिया था।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ये विवाद तब खड़ा हुआ जब अपनी एक सभा में MNS चीफ राज ठाकरे में मस्जिदों में लाउडस्पीकर को बंद कराने की मांग करते हुए कहा कि अगर मस्जिदों में तेज आवाज में लाउ़डस्पीकर बजेगा तो वो भी लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। ठाकरे का ये बयान आने के बाद से पार्टी के राज्य सचिव इरफान शेख समेत 35 स्थानीय नेता इस्तीफा दे चुके हैं।

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