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प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक पर राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने जताई चिंता, मोदी ने की मुलाकात

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी गुरुवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की और बुधवार को पंजाब में उनके काफिले में हुए सुरक्षा उल्लंघन का प्रत्यक्ष विवरण दिया। वहीं राष्ट्रपति ने सुरक्षा में गंभीर चूक पर चिंता जताई। इससे पहले इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के पहले मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि भविष्य में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई सेंध न हो। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने 3 जनवरी को वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह के उस प्रतिवेदन पर गौर किया, जिसमें कहा गया है कि पंजाब में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में गंभीर चूक हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री को पंजाब में एक रैली में शामिल हुए बगैर ही वापस दिल्ली लौटना पड़ा था।

वहीं कोर्ट ने याचिका की कॉपी पंजाब सरकार को सौंपने को कहा। कल यानी शुक्रवार को इसपर सुनवाई होगी। वहीं इस मामले में अब पंजाब सरकार ने उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया है। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मेहताब सिंह गिल और प्रमुख सचिव (गृह मामले एवं न्याय) अनुराग वर्मा शामिल होंगे। प्रवक्ता ने कहा कि समिति तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

उपराष्ट्रपति ने की पीएम मोदी से बात
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा चूक पर पीएम मोदी से बात की और गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई इस चूक पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने अपेक्षा की कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं जिससे भविष्य में दोबारा इस प्रकार की चूक न हो।

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले में राज्यपाल से भी मुलाकात
पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में एक शिष्टमंडल राज्यपाल से आज राजभवन में मिलेगा। पंजाब सरकार ने फिरोजपुर में फंसे प्रधानमंत्री काफिले और बाद में लौटने के मामले को सुरक्षा में चूक नहीं माना है। लेकिन इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

क्या है मामला
बुधवार को पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फिरोजपुर में दौरा था। भारी बारिश के कारण पीएम को सड़क मार्ग से जाना पड़ा लेकिन इस दौरान हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर रास्ते में प्रदर्शनकारी मिल गए जिस कारण उनका काफिला तकरीबन 20 मिनट बेहद असुरक्षित क्षेत्र में रुका रहा। जिस इलाके में पीएम मोदी का काफिला रुका था, वह आतंकियों के अलावा हेरोइन तस्करों का गढ़ माना जाता है। पिछले साल सितंबर माह में इसी क्षेत्र में आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया था। लिहाजा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा पीएम सिक्योरिटी के तमाम अधिकारियों के चेहरे पर शिकन पैदा होना जायज था। इसके बाद से पंजाब में सियासत गरमा गई थी।

फिरोजपुर में रैली करनी पड़ी थी रद्द, बठिंडा लौटे प्रधानमंत्री
सुरक्षा कारणों की वजह से प्रधानमंत्री के फिरोजपुर के कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया। उनका काफिला बठिंडा एयरपोर्ट पर लौट आया। केंद्र ने पंजाब सरकार से इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बठिंडा एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री ने पंजाब सरकार के अफसरों से कहा, ”अपने सीएम को थैंक्स कहना कि मैं बठिंडा एयरपोर्ट तक जिंदा लौट पाया।”

गृह मंत्रालय ने लगाया पंजाब सरकार पर आरोप
गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और ट्रेवल प्लान के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था। उन्हें इससे जुड़े इंतजाम करने थे, जो नहीं किए गए। गृह मंत्रालय ने कहा कि जब यात्रा मार्ग बदल गया तो पंजाब सरकार को अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती करनी थी ताकि सड़क मार्ग से यात्रा सुरक्षित रहे लेकिन अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए।

प्रधानमंत्री के लौटने का खेद है
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री के राज्य के दौरे से बीच में ही लौटने पर खेद जताया है हालांकि, उन्होंने कहा कि न ही सुरक्षा में कोई चूक हुई और न ही किसी हमले जैसी स्थिति थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिरकार, वह देश के प्रधानमंत्री हैं। हम उनका सम्मान करते हैं। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था और संघीय व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अचानक बदलाव हुआ, भाजपा को इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।

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