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शर्मनाक: गोद में बच्चा लिए पिता को बेरहमी से पीटा, कोतवाल सस्पेंड

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सामने आया, जिसमें बच्चे को गोद में लिए एक शख्स पर कोतवाल जमकर लाठी बरसाते हुए नजर आ रहे हैं। वह शख्स बार-बार पुलिस से गुहार लगा रहा है कि बच्चे को लग जाएगी लेकिन कोतवाल मानने को तैयार नहीं। मामले में किरकिरी होने के बाद पुलिस ने ऐक्शन लिया है। पिटाई करने वाले इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। डीजीपी मुकुल गोयल ने मामले में संज्ञान लिया है।

कानपुर देहात के जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज निर्माण के दौरान मिट्टी खनन कर बेचने व वाहनों की आवाजाही से सड़क व नाली टूटने का आरोप लगा कर्मचारियों ने गुरुवार को ओपीडी में ताला बंद कर धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने डॉक्टरों व मरीजों को ओपीडी से बाहर निकाल दिया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों व पुलिस कर्मियों ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया।

इसी दौरान ने अकबरपुर कोतवाल वीके मिश्रा ने कर्मियों को मारना शुरू कर दिया। कोतवाल साहेब के बरसते डंडे के बीच एक कर्मी आ फंसा, उसकी गोद में उसकी बेटी भी थी। कोतवाल ने फटाफट कर्मी को अपने डंडे है पीटना शुरू कर दिया, जिसको वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शख्स बार-बार पुलिस को कह रहा है कि बच्चे को लग जाएगी सर। पुलिस शख्स का पीछा करती है और दूसरे पुलिसकर्मी उसकी गोद से बच्चा छीनने लगते हैं। इतने में वह कहता है कि ‘मेरा बच्चा है। इसकी मां भी नहीं है।’ पिता को पिटता देख बच्चा भी चीख-चीखकर रो रहा है।

मामले की जांच एडीजी जोन कानपुर को दी गई थी। एडीजी जोन कानपुर भानु भास्कर ने इंस्पेक्टर अकबरपुर विनोद मिश्रा को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले तक एएसपी पुलिसकर्मियों का बचाव करते नजर आए थे। पुलिस अधिकारी ने कहा था कि ‘चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रजनीश शुक्ल ने 100-200 लोगों के साथ मिलकर अराजकता फैलाई और जिला अस्पताल की ओपीडी को बंद करा दिया। वीडियो में दिख रहा है शख्स रजनीश का भाई है। पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी वह मानने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस को हल्का बलप्रयोग करना पड़ा।’

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