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यूपी टीईटी पेपर लीक: योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, पीएनपी सचिव संजय उपाध्याय गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2021 पेपर लीक केस में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) संजय उपाध्याय के निलंबन के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके पहले यूपी एसटीएफ ने प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी के निदेशक राय अनूप प्रसाद को दिल्‍ली से गिरफ्तार किया था। इस एजेंसी को प्रश्न पत्र छापने का वर्क आर्डर संजय उपाध्याय ने जारी किया था।

यूपी के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि देर रात पूछताछ के बाद जांच अधिकारी और यूपी एसटीएफ की टीम ने उन्‍हें गिरफ्तार किया है। संजय उपाध्‍याय को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस उन्‍हें रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेगी। प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में शुरुआत में ही शासन की ओर से स्‍पष्‍ट कर दिया गया था कि सख्‍त एक्‍शन लिया जाएगा। कोई भी बख्‍शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में यह गिरफ्तारी हुई है। उन्‍होंने कहा कि संजय उपाध्‍याय के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्‍त साक्ष्‍य हैं। इसी आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। जय उपाध्याय के बाद अब जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ों की गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद पुलिस उन्‍हें रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेगी।

दरअसल उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 नवंबर को आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो गया था जिसके कारण परीक्षा रद कर दी गई थी। इसमें 21.65 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे। इस पूरे प्रकरण को राज्य सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। सरकार ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इंटरनेट मीडिया पर पेपर लीक करने सहित साल्वर गिरोह के करीब तीन दर्जन आरोपितों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

इससे पहले मंगलवार को यूपीटीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले में एसटीएफ नोएडा यूनिट ने दिल्ली में जिस प्रिंटिंग प्रेस में प्रश्न पत्र छपे थे उसके मालिक राय अनूप प्रसाद को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के डायरेक्टर राय अनूप प्रसाद व कई अन्य के खिलाफ ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार टीईटी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने के लिए कई अलग-अलग जिले के लोगों से आरोपित संपर्क में था। परीक्षा वाले दिन प्रश्न पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया था। फिनसर्व कंपनी को पेपर छापने का ठेका संजय उपाध्याय ने ही दिया था।

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