Tuesday, November 30, 2021
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पाकिस्तानी खिलाडी वकार यूनिस ने कहा- हिंदुओं के सामने रिजवान का नमाज पढ़ना खास, अब माफी मांगी

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान पाक बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान के मैदान पर नमाज पढ़ने को हिंदुओ के सामने मैच का सबसे अच्छा लम्हा बताने वाले वकार यूनुस ने अब माफी मांगी है। वकार ने कहा कि उन्होंने आवेश में आकर यह बात बोल दी थी, वह इसके लिए माफी मांगते हैं। हर्षा भोगले ने यूनिस के बयान को खतरनाक बताते हुए कहा था कि क्रिकेट जगत को साथ आने की जरूरत है। वहीं वेंकटेस प्रसाद ने उनके बयान को शर्मनाक करार दिया था।

टी-20 वर्ल्डकप 2021 के अपने पहले मैच में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। यह पहला मौका था, जब पाकिस्तान की टीम वर्ल्डकप में भारत से जीती थी। इस मैच में पाकिस्तान के ओपनर बाबर आजम ने नाबाद 68 और मोहम्मद रिजवान ने नाबाद 79 रन की पारी खेली थी। इस जोड़ी ने बिना कोई विकेट गंवाए 152 रनों के लक्ष्य का पीछा कर लिया था। मैच के दौरान ड्रिंक्‍स ब्रेक के वक्‍त रिजवान ने मैदान पर ही नमाज पढ़ी। इसे सारी दुनिया ने देखा। इसमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शामिल रहे वकार भी शामिल थे।

वकार ने एआरवाई न्यूज से बातचीत में कहा था “जिस तरीके से बाबर और रिजवान ने बल्लेबाजी की, जिस तरीके से उन्होंने स्ट्राइक रोटेट की, जिस तरह से उनका चेहरा था, यह कमाल का था। सबसे बेहतरीन चीज उसने उस मैदान में नमाज पढ़ी जो हिंदुओं से भरा हुआ था। यह मेरे लिए वाकई बहुत खास था।”

विवाद बढ़ने के बाद ट्वीट के जरिए अपने बयान उन्होंने माफी मांगी है। उन्होंने लिखा “मैंने उस समय की गहमा-गहमी में कुछ ऐसा कह दिया जो मैं नहीं कहना चाहता था। इससे कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। मैंने जान बूझकर यह नहीं किया। यह एक गलती थी। खेल लोगों को जोड़ता है चाहे वो किसी भी जाति, रंग या धर्म के हों।”

हर्षा भोगले ने लगाई थी क्लास
मशहूर कॉमेंटेटर हर्षा भोगले भी वकार यूनिस के इस बयान से बहुत निराश नजर आए। भोगले ने कहा “वकार यूनिस जैसे खिलाड़ी का कहना कि हिंदुओं के सामने रिजवान का नमाज पढ़ना उनके लिए बेहद खास था। सबसे निराशानजमक बातों में से एक है। हमारे बीच से अधिकतर लोग ऐसी बातों को हतोत्साहित करने की कोशिश करते हैं और खेल पर बात करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में ये बातें सुनना डरावना है। आप क्रिकेटर्स को खेल के एंबेसडर के रूप में देखते हैं। उन्हें थोड़ा और जिम्मेदार होना चाहिए। मैं निश्चिंत हूं कि जल्द ही वो इस मामले पर माफी मांग लेंगे। हमें क्रिकेट जगत को साथ लाने की जरूरत है न कि धर्म के आधार पर उसे बांटने की।”

हर्षा ने आगे कहा “मैं उम्मीद करता हूं कि पाकिस्तान में खेल के कई समझदार समर्थक इस बयान के खतरनाक पहलू को समझते हैं और मेरी तरह वो भी निराश होंगे। ऐसे बयान हमारे जैसे खेल प्रेमियों के लिए का काम मुश्किल करते हैं। ऐसे में हमारे लिए यह समझाना मुश्किल हो जाता है कि यह सिर्फ एक खेल है, सिर्फ एक क्रिकेट मैच।”

वहीं पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने लिखा कि हिंदुओं के बीच में खड़े होकर नमाज पढ़ना वकार के लिए खास था। एक खेल के बारे में ऐसी बातें कहने के लिए अलग ही स्तर का जिहादी दिमाग चाहिए होता है। कितना शर्मनाक बयान है।

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