Friday, December 3, 2021
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अमेजन की मुश्किलें बढ़ी: गलत तरीके अपनाकर किया व्यापार, अमेरिकी सांसद ने उठाई कम्पनी के टुकड़े करने की मांग

दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आंतरिक दस्तावेजों में भारत में गलत तरीके से अपने प्रोडक्ट को प्रोमोट करने की बात का खुलासा होने के बाद अमेजन की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत में रिटेलर सरकार से बेजोस की कंपनी की जांच कराने की मांग उठा रहे हैं। सांसदों के द्विदलीय समिति का कहना है कि अमेजन के पूर्व सीईओ जेफ बेजोस व अन्य शीर्ष अधिकारियों ने कांग्रेस समिति के सामने झूठ बोला और उन्हें गुमराह किया है। इस बीच अमेरिका में एक सांसद ने अमेजन कंपनी के टुकड़े करने की मांग उठा दी है।

रॉयटर्स ने खुलासा किया था कि अमेजन ने भारत में न सिर्फ प्रोडक्ट की नकल की, बल्कि सर्च के रिजल्ट को भी प्रभावित किया। अमेजन के हजारों इंटरनल डॉक्यूमेंट्स का रीव्यू करने के बाद पाया गया कि कंपनी ने अपने प्रोडक्ट को बढ़ावा देने के लिए सर्च के रिजल्ट को सिस्टमेटिक तरीके से प्रभावित किया। इतना ही नहीं, अमेजन ने अन्य सेलर के प्रोडक्ट की नकल कर अपने प्रोडक्ट भी तैयार किए और अपने प्लेटफॉर्म पर उन्हें बेचा। कंपनी ने इसके लिए बाकायदा औपचारिक रणनीति तैयार की थी।

अमेरिका की प्रभावशाली सांसद एलिजाबेथ वारेन ने अमेजन से जुड़ी इस रिपोर्ट को साझा करते हुए ट्विटर पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस बात का डर था, इन डॉक्यूमेंट्स ने उसे सच साबित कर दिया। अमेजन अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग कर रही है। कंपनी ने मोनोपॉली करते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर छोटे व्यवसायों और उद्यमियों से ग्राहक छीने हैं। यह उन कई कारणों में एक है, जिसे लेकर हम चाहते हैं कि अमेजन इंक के टुकड़े किए जाने की जरूरत है।

समिति के सदस्यों ने हाल ही में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अमेजन के वरिष्ठ अधिकारियों की गवाही पर उन्हें संदेह है कि कंपनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए किसी भी अन्य कंपनी के उत्पादों की नकल नहीं करती है। सांसदों की समिति ने इसको लेकर कंपनी के सीईओ एंडी जेसी को एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि अमेजन के प्रतिनिधि मंडल ने सांसदों की समिति को गुमराह किया है। प्रतिनिधि मंडल ने कानून का उल्लंघन किया है।

अमेरिकी सांसदों की समिति ने अपने पत्र में कहा है कि अमेजन को अपनी पिछली गवाही, बयानों की पुष्टि करने व साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम मौका दिया जा रहा है। कंपनी ने पिछली गवाही में कहा था कि अमेजन किसी तीसरी कंपनी के डेटा का प्रयोग अपने ब्रांड के लिए नहीं करती है। इस पत्र में 2019 और 2020 में कंपनी के संस्थापक जेफ बेजोस, एसोसिएट जनरल काउंसल नेट सटन, वकील डेविड जपोल्स्की व वाइस प्रेसीडेंट ब्रायन के बयानों का हवाला दिया गया है।

इस बीच भारत में अमेजन के खिलाफ जांच की मांग तेज हो गई है। खुदरा कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का आरोप है कि अमेजन छोटे व्यवसायियों का हक मार रही है। कैट लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि अमेजन और वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां अनुचित तरीके अपनाती हैं। इससे छोटी कंपनियों और खुदरा दुकानदारों को नुकसान होता है।

हालांकि अमेजन ने इन आरोपों को खारिज किया है। अमेजन का कहना है कि सर्च के रिजल्ट को प्रभावित करने की बात बेबुनियाद है। सर्च के रिजल्ट में वही प्रोडक्ट दिखाए जाते हैं, जिन्हें यूजर खोज रहे होते हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने अपने बयान में पूर्व में दी गई गवाहियों का बचाव किया है। उन्होंने कहा है कि प्रतिनिधि मंडल ने समिति को गुमराह नहीं किया है। अमेजन अपने निजी उत्पादों के लिए किसी भी अन्य कंपनी के डेटा का इस्तेमाल नहीं करता है।

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