Sunday, November 28, 2021
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सांप से कटवाकर सास का मर्डर, इस चलन पर सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की चिंता

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस आरोपी को बेल देने से इनकार कर दिया, जिसपर आरोप है कि उसने दोस्त के साथ मिलकर सांप से डसवाकर एक महिला की हत्या कर दी। राजस्थान के आरोपी की जमानत याचिका पर चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस हीमा कोहली की बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान जस्टिस सूर्य कांत ने सांप से कटवाकर हत्या के नए चलन पर चिंता जाहिर की।

सांप से मर्डर की यह घटना साल 2019 की राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक गांव की है। अल्पना और सचिन की शादी 12 दिसंबर 2018 को हुई थी। सचिन सेना में जवान था इसीलिए बाहर रहता था। तब अल्पना के जयपुर निवासी मनीष के साथ विवाहेतर संबंध बन गए। अल्पना और उसकी सास सुबोध देवी गांव में एक साथ रहती थी जबकि ससुर भी नौकरी के सिलसिले में अपने गृह जिले से बाहर रहते थे।

वहीं जब सुबोध देवी को अफेयर की भनक लग गई और वह हमेशा फोन पर रहने के लिए उसे ताना मारने लगी। सुबोध देवी को जब बहू के अफेयर में बाधा बनी तो अल्पना और मनीष ने हत्या की प्लानिंग की। 2 जून 2019 को सुबोध देवी की सांप काटने से मौत हो गई। हालांकि, डेढ़ महीने बाद अल्पना के ससुर ने शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस को कुछ सबूत सौंपे। परिवार ने अल्पना और मनीष के फोन नंबर पुलिस को दिए।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 2 जून को, घटना के दिन दोनों के बीच 124 बार बातचीत हुई थी। अल्पना और कृष्णा के बीच 19 बार बातचीत हुई थी। पुलिस ने अल्पना, मनीष और उनके दोस्त कृष्णा कुमार को 4 जनवरी 2020 को गिरफ्तार कर लिया था।

इतना ही नहीं, पूछताछ के आधार पर पुलिस उस संपेरे तक भी पहुंच गई जिसने इस हत्या में ‘हथियार’ मुहैया कराया था। संपेरा इस केस में गवाह बन गया और उसने मैजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दिया कि महिला के आशिक के कहने पर उसने सांप की व्यवस्था की थी।

महिला के आशिक की तरफ से एडवोकेट आदित्य कुमार चौधरी ने सीजेआई की अगुआई वाली बेंच के सामने दलील दी कि उनका मुवक्किल क्राइम सीन पर मौजूद नहीं था। वकील ने दलील दी, ‘उसे कैसे साजिश का हिस्सा माना जा सकता है जब यह किसी को नहीं पता कि सांप किसको काटेगा? किसी कमरे में सिर्फ जहरीले सांप को छोड़ने का यह मतलब नहीं है कि सांप को पता है कि उसे किसे काटना चाहिए। पुलिस ने कॉल रेकॉर्ड की विश्वसनीयता की जांच नहीं की। मेरा मुवक्किल एक साल से ज्यादा वक्त से जेल में है।’

इस पर बेंच ने कहा, ‘राजस्थान में हत्या के लिए किसी जहरीले सांप का इस्तेमाल करना बहुत सामान्य है। आपने एक जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए बहुत ही नया तरीका अपनाया। आप कथित तौर पर इस साजिश का हिस्सा थे और संपेरे के जरिए आपने हत्या में इस्तेमाल हथियार (सर्प) की व्यवस्था की। आप इस स्टेज में जमानत पर रिहा करने के लायक नहीं हैं।’

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