Sunday, November 28, 2021
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Ghaziabad news: अब गाजियाबाद में कम्पाउंडिंग का नक्शा भी होगा ऑनलाइन पास, इंजीनियरों का नहीं चलेगा खेल

पढ़िये नवभारत टाइम्स की ये खास खबर….

अभी तक शमनीय नक्शे को मैनुअल ही पास किया जाता रहा है, इसकी वजह से अवैध निर्माण काफी तेजी से बढ़ रहा था। यह मामला शासन तक पहुंचा तो इसकी व्यवस्था शुरू कर दी।

गाजियाबाद अभी तक यूपी के सभी प्राधिकरण में सामान्य नक्शा ऑनलाइन पास किया जाता है। अब 27 अगस्त के बाद कम्पाउंडिंग यानी शमनीय नक्शा भी ऑनलाइन ही पास किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं।

अभी तक शमनीय नक्शे को मैनुअल ही पास किया जाता रहा है, इसकी वजह से अवैध निर्माण काफी तेजी से बढ़ रहा था। यह मामला शासन तक पहुंचा तो इसकी व्यवस्था शुरू कर दी। इस बदलाव से अब गाजियाबाद डिवेलपमेंट अथॉरिटी (जीडीए) के प्रवर्तन अनुभाग के इंजीनियरों का खेल बंद होने की संभावना है। इससे जहां एक तरफ पब्लिक को भी फायदा होगा, वहीं वैध करवाने के नाम पर चलने वाले अवैध निर्माण के खेल को रोकने में भी मदद मिलेगी।

कम्पाउंडिंग का नक्शा भी अब 27 अगस्त के बाद ऑनलाइन ही पास किया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने से इस दिशा में अभी तक किए जा रहे सभी मैनुअल काम को बंद कर दिया जाएगा। इससे पारदर्शिता काफी हद तक बढ़ जाएगी।
आशीष शिवपुरी, सीएटीपी, जीडीए
ऐसे किया जाता था खेल
जब कोई बिल्डर एक यूनिट का नक्शा पास करवाकर 3 से 4 यूनिट बनाता था, तब प्रवर्तन अनुभाग की टीम बिल्डर से कुछ पैसे जीडीए में जमा करवाकर निर्माण की परमिशन दे देती थी। हालांकि, उस दौरान फाइनल निर्माण होने के बाद शमनीय नक्शा जमा करवाने बात कही जाती थी। फिर भविष्य में ऐसे निर्माण का कोई शमनीय नक्शा नहीं जमा करवाया जाता था। यदि जीडीए में इसके लिए 10 लाख रुपये आने होते हैं तो 2 लाख आता था, बाकी पैसे कई लोगों में बंट जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
सील खोलने पर लगेगी रोक
अधिकारी जीडीए के नाम कुछ पैसा जमा करवाकर सील खोल देते थे, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम होने के बाद भी इस पर रोक नहीं लग जाएगी। सील खोलने के नाम पर भी मोटा पैसा बिल्डर से लेने के कई मामले आए, लेकिन अब सील खोलने पर रोक लगेगी।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
अधिकारी बताते हैं कि यदि किसी बिल्डिंग में कुछ अवैध निर्माण हुआ या किया जा रहा है, लेकिन वह वैध हो सकता है तो उसका शमन नक्शा ऑनलाइन जमा करवाना होगा। पूरे पैसे भी ऑनलाइन ही जीडीए के खाते में जमा करवाने होंगे। नक्शा पास होने के बाद ही निर्माण को जारी रखा जा सकता है। मैनुअल इस प्रकरण में कोई कार्रवाई किए जाने की परमिशन नहीं होगी। एक बार ऑनलाइन आ जाने के बाद समय-समय पर उच्चाधिकारियों तक इसकी सूचना जाती रहेगी कि अभी तक इस बिल्डिंग का नक्शा और पैसा जमा नहीं करवाया गया है। साभार-नवभारत टाइम्स

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