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ये प्रदर्शन नहीं गुंडागर्दी है, तत्काल हटाए जाएं

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साहिबाबाद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की ओर से बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि पर हमला किए जाने का मामला गरमाता जा रहा है। इस घटना के बाद से लोग प्रदर्शनकारियों की गुंडागर्दी पर अपनी कठोर प्रतिक्रिया तक देने लगे हैं। उन्हें हटाकर हाईवे खुलवाने की मांग तेज हो गई है। वहीं प्रदर्शन की चलते हुए डायवर्जन की वजह से बृहस्पतिवार को गौड़ ग्रीन एवेन्यू चौक पर भीषण जाम लग गया। इससे राहगीरों को बहुत परेशानी हुई है।

साहिबाबाद : कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की ओर से बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि पर हमला किए जाने का मामला गरमाता जा रहा है। इस घटना के बाद से लोग प्रदर्शनकारियों की गुंडागर्दी पर अपनी कठोर प्रतिक्रिया तक देने लगे हैं। उन्हें हटाकर हाईवे खुलवाने की मांग तेज हो गई है। वहीं प्रदर्शन की चलते हुए डायवर्जन की वजह से बृहस्पतिवार को गौड़ ग्रीन एवेन्यू चौक पर भीषण जाम लग गया। इससे राहगीरों को बहुत परेशानी हुई है।

भाजपा प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि बुधवार को दिल्ली से बुलंदशहर जा रहे थे। यूपी गेट पर भाजपाई उनके स्वागत के लिए रुके थे। जैसे ही यूपी गेट पर उनका काफिला पहुंचा था, प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया था। दो दर्जन से ज्यादा भाजपाई चोटिल हुए थे और 40 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई थीं। इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। उसके बाद लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू की। उसमें प्रदर्शनकारियों के प्रति लोगों का गुस्सा देखने को मिला। इंदिरापुरम निवासी हरिश्चंद्र सिंह ने लिखा कि ये किसान नहीं हैं। अन्नदाता खेतों में है। ये किराए के आतंकी और गुंडागर्दी करने वाले हैं।

आशीष पांडेय लिखते हैं कि प्राणघातक हमला करने वाले किसी भी सूरत में किसान नहीं हो सकते। इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हाईवे खाली करवाने की मांग : प्रदर्शनकारियों का यूपी गेट पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ और संपर्क मार्ग की दिल्ली जाने वाली सभी लेन पर कब्जा है। फ्लाईओवर के नीचे भी किसानों का कब्जा है। इससे लोग यहां से दिल्ली नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें अन्य सीमाओं से गुजारा जा रहा है। इससे वाहन चालकों को काफी चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे भी लोग परेशान हैं। लोग प्रदर्शनकारियों को यहां से हटाने की मांग कर रहे हैं। इंदिरापुरम निवासी नवनीत सोनी का कहना है कि रास्ते किसी की जागीर नहीं है। यूपी गेट के रास्ते तत्काल खुलवाने चाहिए। जाम से जूझे लोग : हाईवे पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा होने के कारण यातायात पुलिस ने डासना से ही रूट डायवर्जन कर दिया है। इससे अन्य सीमाओं पर यूपी गेट के वाहनों का दबाव बढ़ रहा है।

बृहस्पतिवार को वाहनों का दबाव अधिक होने से खोड़ा-दिल्ली सीमा पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। इससे सुबह 10 बजते-बजते गौड़ ग्रीन चौराहा तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुबह 10:30 बजे तक यहां भीषण जाम लग गया। दोपहर करीब 12 बजे यातायात व्यवस्था सुचारू हुई। जाम में फंसे नितिन कुमार ने बताया कि बहुत जरूरी काम से दिल्ली जा रहा था। करीब आधे घंटे से जाम में फंसे हैं। इसका कारण यूपी गेट के प्रदर्शनकारी हैं। उन्हें तत्काल यहां से हटाना चाहिए। वहीं यातायात पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि यूपी गेट के धरना-प्रदर्शन की वजह से रूट डायवर्जन किया गया है।

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