Friday, December 3, 2021
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Farmer Protest: पांच घंटे बाद भी जारी है सरकार और किसानों की बैठक, प्रदर्शनकारियों ने जाम किया एनएच-24

कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों का आंदोलन लगातार आठवें दिन जारी है। इस आंदोलन की आग लगातार फैलती जा रही है। पिछली बार की विफल बातचीत के बाद आज दोबारा किसानों और सरकार के बीच वार्ता शुरू हो चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कोई हल निकल सकता है। आंदोलन के कारण गुरुवार को लगातार आठवें दिन दिल्ली एनसीआर का यातायात प्रभावित है। कई बॉर्डर अभी भी बंद हैं। वहीं कई सड़कों को किसानों ने जाम कर दिया है।

एनएच 24 पर यूपी से दिल्ली आने वाला रास्ता बंद
एनएच 24 पर यूपी से दिल्ली की ओर जाने वाला रास्ता गाजीपुर बॉर्डर पर बंद कर दिया गया है। इसी तरह नोएडा से दिल्ली जाने वाला चिल्ला बॉर्डर का रास्ता भी बंद कर दिया गया है।

शिवराज सिंह चौहान ने दिया बड़ा बयान
किसानों के आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि, ‘मैंने तय किया है कि जितनी पैदावार किसान की यहां होगी उतनी खरीद ली जाएगी। लेकिन अगर बाहर से कोई आया, अगल-बगल के राज्यों से बेचने या बेचने का प्रयास भी किया तो उसका ट्रक राजसात करवाकर उसे जेल भिजवा दिया जाएगा।

सिंघु और सबोली बॉर्डर समेत एनएच 44 भी दोनों तरफ से बंद
सिंघु, लामपुर, औचंदी, साफियाबाद, पियाओ मनियारी और सबोली बॉर्डर बंद कर दिए गए हैं। एनएच 44 भी दोनों तरफ से बंद है। इसलिए इन रास्तों को छोड़कर वैकल्पिक मार्ग जैसे एनएच-8/भोपरा/अप्सरा बॉर्डर/पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करें। जीटी करनाल रोड और मुकरबा से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। आउटर रिंग रोड, जीटी करनाल रोड और एनएच 44 पर जाने से बचें।

भाकियू(भानु) की कृषि मंत्री से वार्ता विफल
भाकियू (भानु) किसान प्रतिनिधिमंडल और कृषि मंत्री के बीच वार्ता विफल हो गई, जिसके बाद किसानों ने चिल्ला बॉर्डर से हटने से इनकार कर दिया है। थोड़ी देर में किसान करेंगे चिल्ला बॉर्डर पर प्रेस वार्ता।

विज्ञान भवन में किसानों का हुआ लंच ब्रेक
किसान नेताओं और सरकार के बीच चल रही बैठक में करीब 3.00 बजे एक लंच ब्रेक हुआ है। सरकार ने किसानों को खाना ऑफर किया था, लेकिन किसानों ने अपना बना हुआ खाना बाहर से मंगाया। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अब तक करीब तीन घंटे की बैठक में किसानों ने अपनी मांगों और नए कानून को लेकर उनकी आशंकाओं को बिंदुवार ढंग से रखा है। किसानों ने सरकार के सामने एमएसपी को लेकर नया कानून बनाने की भी मांग रखी है।

प्रदर्शनों के दौरान मारे गए दो किसानों के परिवारों को वित्तीय मदद देगी पंजाब सरकार
पंजाब सरकार ने केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध के दौरान मारे गए दो किसानों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराने की गुरुवार को घोषणा की। मानसा जिले के बछोआना गांव के निवासी गुरजंत सिंह (60) की विरोध के दौरान दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर मौत हो गई थी और मोगा जिले के भिंडर खुर्द गांव के निवासी गुरबचन सिंह (80) की बुधवार को मोगा में प्रदर्शन के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

बागपत से लोनी होकर दिल्ली जा रहे किसानों को मंडोला पुलिस चौकी के पास रोका
बागपत की तरफ से लोनी होते हुए दिल्ली जा रहे किसानों को लोनी मंडोला पुलिस चौकी के पास रोका गया। मंडोला गांव के किसानों ने भी बागपत की तरफ से आ रहे किसानों का समर्थन किया। किसानों ने मंडोला गांव के सामने रोड जाम करने की रणनीति बनाई थी। पुलिस द्वारा रोके जाने पर किसान सड़क पर मंडोला पुलिस चौकी के सामने बैठ गए हैं।

महापंचायत में पहुंचे उदित राज
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसानों की महापंचायत के बीच अब कांग्रेस नेता उदित राज भी वहां पहुंच चुके हैं। वो महापंचायत में शामिल किसानों को संबोधित कर रहे हैं।साभार-अमर उजाला

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