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बाल मजदूरी के आरोपियों को पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार

बाल मजदूरी के आरोपियों को पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार

गाजियाबाद। बाल मजदूरी की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान आरोपी को पकड़ लिया, और साथ ही दो बच्चों और सात किशोरों को भी बरामद किया है। हैरत की बात तो यह है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे थाने से जाने को कह दिया। और साथ ही सभी बच्चों को पुलिस ने उनके परिजनों को सौंप दिया गया।। सीओ ने बताया कि नगर कोतवाली के दो बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखाई गई थी। इतना ही नहीं पुलिस पर एक नाबालिग को थप्पड़ मारने का भी आरोप है। पुलिस ने किसी व्यक्ति को पकड़ने और थाने में पुलिसकर्मी द्वारा बच्चे को थप्पड़ मारने के मामलों की जांच की बात कही है।

मोदीनगर की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी और 17 वर्षीय लड़का विभिन्न झांकियों में कलाकार के रूप में काम करते हैं। मोदीनगर के ही एक युवक के साथ वे करीब 10 दिन पूर्व मथुरा के कोसीकलां में होने वाली झांकी में काम करने के लिए गए थे। युवक नगर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले नौ व 11 वर्षीय लड़कों को भी अपने साथ ले गया था। इन बच्चों ने 11 मार्च की रात परिजनों को फोन पर बताया कि उक्त युवक ने उन्हें एक कमरे में कैद किया है और खाना भी नहीं दे रहे जिसके बाद 12 मार्च को परिजनों ने कोतवाली पुलिस में शिकायत की। कोतवाली पुलिस ने चेकिंग की तो मौके से आरोपी के साथ नौ बच्चे बरामद किए। मोदीनगर और कोतवाली के अलावा दो किशोर मुरादनगर और तीन मेरठ के थे। 13 मार्च की रात दो बजे पुलिस बच्चों को नगर कोतवाली थाने लाई और फिर सभी को उनके निवास संबंधित थानों में भेजकर माता-पिता को सौंप दिया।

नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयकरण सिंह ने बताया कि बच्चों के परिजनों द्वारा गुमशुदगी लिखवाई गई थी। सभी बच्चे स्वयं ही उक्त युवक के साथ गए थे और बच्चों से बाल मजदूरी कराने या उन्हें कैद कर रखने के संबंध में किसी परिजन द्वारा शिकायत नहीं दी गई। इसके चलते आरोपित को चेतावनी देकर थाने से छोड़ दिया गया।

एसएसपी से मिलेंगी सीडब्ल्यूसी मेंबर

बच्चों की बरामदगी के बाद चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। बरामद बच्चों और किशोरों की काउंसलिंग कराई गई। इसमें मोदीनगर के किशोर ने पुलिस पर थप्पड़ मारने का भी आरोप लगाया। शुरुआती पूछताछ में पुलिस की खामी नजर आने के बाद बाल कल्याण समिति को इसकी जानकारी दी गई। सीडब्ल्यूसी मेंबर शालिनी सिंह ने बताया कि मामले में संरक्षण अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि अभी काउंसिलिंग चल रही है। सभी बच्चों की काउंसलिंग के बाद रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी से मुलाकात की जाएगी।

मामले में कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले दो बच्चों की गुमशुदगी दर्ज है। पुलिस ने बच्चों को बरामद करने के दौरान किसी को पकड़ा भी है या नहीं इसकी जांच कराई जाएगी। थप्पड़ मारने के मामले में सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लिया जाएगा।

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By हमारा गाज़ियाबाद संवाददाता : Tuesday 22 मई, 2018 13:51 PM