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सरकारी आदेश बेअसर, 1 रुपये वाली सिरिंज 1200 में धड़ल्ले से बेच रहे निजी अस्पताल

सरकारी आदेश बेअसर, 1 रुपये वाली सिरिंज 1200 में धड़ल्ले से बेच रहे निजी अस्पताल

नई दिल्ली। इलाज के नाम पर दिल्ली में मरीजों से महंगे बिल वसूलने का सिलसिला जारी है। निजी अस्पतालों पर केंद्र की सख्त हिदायतों का कोई असर नहीं हो रहा है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने सिरिंज के दाम घटाने का फरमान सुनाया था। लेकिन दिल्ली सहित देश के कई बड़े निजी अस्पताल इसे मानने को राजी नहीं हैं।

उन्होंने मरीजों को 50 पैसे या एक रुपये में सिरिंज देने से इनकार कर दिया है। आरोप है कि अस्पताल सिरिंज के लिए 600 से 1200 रुपये तक वसूल रहे हैं। यह खुलासा केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को भेजी गई एक शिकायत में हुआ है। इसमें कहा गया है कि रोक के बावजूद अस्पतालों में महंगी दवाएं और सिरिंज बेचे जा रहे हैं।

पिछले वर्ष गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल का मामला उजागर होने के बाद केंद्र सरकार ने चुनिंदा निजी अस्पतालों के बिलों की समीक्षा करवाई थी। इसमें हकीकत सामने आई कि मरीजों से 2800 गुणा तक कीमतें वसूली जा रही हैं।

इसके बाद एनपीपीए ने सिरिंज एसोसिएशन को बुलाकर कीमतों पर कैपिंग की चेतावनी दी थी। इसके अलावा अस्पतालों को चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फरवरी के आखिरी सप्ताह में दिल्ली के ही एक व्यक्ति ने तीन बड़े अस्पतालों की शिकायत की थी। जांच में पाया गया कि कई और अस्पताल भी ऐसा ही कर रहे हैं। फिलहाल जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही अस्पतालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी।

कंपनियों पर बनाया दबाव
ऑल इंडिया सिरिंज एंड नीडल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रमुख विमल खेमका ने बताया कि एनपीपीए के निर्देश पर एसोसिएशन से जुड़ी तमाम कंपनियों ने अस्पतालों के दबाव में न आने का फैसला लिया था। छपी कीमत न बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इससे दामों में 40 फीसदी तक गिरावट आई है। लेकिन बड़े निजी अस्पतालों ने कंपनियों को ऐसा न करने की चेतावनी दी है।

15 भारतीय और एक विदेशी कंपनी ने कीमतों पर नियंत्रण किया, लेकिन अन्य कंपनियां इससे दूर रहीं। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल कीमतें घटा चुकी कंपनियों से सिरिंज खरीदने के बजाए प्राइस कैपिंग से बाहर रही कंपनियों से खरीददारी कर रही हैं।

 

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