ताज़ा खबर :
prev next

एलिवेटेड रोड पर मिलेगी प्राथमिक चिकित्सा- डीएम रितु महेश्वरी

एलिवेटेड रोड पर मिलेगी प्राथमिक चिकित्सा- डीएम रितु महेश्वरी

गाज़ियाबाद। एलिवेटेड रोड को खोलने से पहले जीडीए को कई सुरक्षात्मक इंतजाम कराने होंगे। इस रोड पर वाहन स्पीड से दौड़ेंगे। ऐसे में ओवर स्पीड को रोकने के लिए व्यवस्था करनी होगी। स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (एसईआइएए) ने पर्यावरण मंजूरी देते वक्त यह शर्त लगाई है। उनकी इस शर्त पर अमल करते हुए फ‌र्स्ट ऐड की सुविधा देने के लिए इंतजाम किया जा रहा है। पैरामेडिकल स्टाफ के साथ लाइफ सपोर्ट सिस्टम लगी एंबुलेंस हर वक्त वहां मौजूद रहेगी। 24 घंटे पेट्रोलिंग की व्यवस्था होगी। 20 सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। प्रत्येक गार्ड 500 मीटर की दूरी पर खड़ा किया जाएगा। इसका पूरा खर्च रोड बनाने वाली कंपनी वहन करेगी।

 कैमरे लगवाने पर मंथनएलिवेटेड रोड पर जगह-जगह कैमरे लगवाने पर मंथन चल रहा है। जिन्हें पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जा सकता है। इन कैमरों पर करीब 52 लाख रुपये के खर्च का आकलन किया गया है। खर्च ज्यादा होने के कारण पहले कुछ वक्त तक बिना कैमरे लगवाए ट्रैफिक का मिजाज देखा जाएगा। अगर जरूरत हुई तो प्राधिकरण अपने खर्च पर एलिवेटेड रोड पर कैमरे लगवाएगा।

शुरुआत में भले ही भारी वाहन एलिवेटेड रोड पर दौड़ाने की अनुमति नहीं रहेगी। भविष्य में उस पर भारी वाहन भी दौड़ेंगे। उसे देखते हुए एसईआइएए ने प्राधिकरण से कहा है कि रोड के आसपास कहीं धर्म कांटा बनाया जाए। जिससे वाहनों की ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाया जा सके। इससे साफ है अनुमति मिलने के बाद वही वाहन रोड पर चढ़ पाएंगे जिन पर मानक अनुसार वजन लदा हुआ होगा।

पर्यावरण का ख्याल रखने के करने होंगे इंतजाम

एलिवेटेड रोड की पर्यावरण मंजूरी में एसईआइएए ने स्पष्ट लिखा है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को पर्यावरण और ऊर्जा बचत संबंधी इंतजाम करने होंगे। कहा गया है कि रोड बनाने में जितने पेड़ काटे गए हैं, उसके तीन गुना पेड़ दोनों ओर लगाने होंगे। एसईआइएए की दी रिपोर्ट के अनुसार इस रोड को बनाने में 960 पेड़ काटे गए। जिसमें से 335 संरक्षित वन भूमि से काटे गए। इनके बदले में 2880 पेड़ लगाए जाएंगे। खासतौर पर कहा गया है कि ऐसे पौधे लगाए जाएं जो छायादार, पर्यावरण फ्रेंडली हों। वायु और ध्वनि प्रदूषण को सोखकर वातावरण को स्वच्छ बनाने में कारगर हों।

यही नहीं दोनों ओर ग्रीन बेल्ट विकसित करने को कहा गया है। ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए उनके मोनिटरिंग यंत्र लगाने को कहा गया है। यह भी कह है कि दो साल तक मोनिटरिंग कर उसकी रिपोर्ट जमा कराई जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दुरुस्त रखने के लिए कहा गया है। इनकी निगरानी के लिए प्राधिकरण को एनवायरमेंटल मैनेजमेंट सेल बनाने को कहा गया है। यह भी कहा है कि हर छह महीने पर एनवायरमेंटल मैनेजमेंट प्लान भी रिव्यू किया जाए। यह भी कहा है कि रोड को जगमग करने के लिए गैर पारंपरिक ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाए। सौर ऊर्जा और एलईडी लाइट का प्रयोग करने को कहा गया है। हालांकि, रोड पर एलईडी ही लगाई गई है।

हिंडन में न आए कचरा

एसईआइएए ने प्राधिकरण को स्पष्ट किया है कि सड़क का कूड़ा-कचरा नियमित रूप से साफ कराया जाए। उसका नियमानुसार निस्तारण किया जाए। खास ख्याल रखा जाए कि कूड़ा ¨हडन नदी में न जाए। एसईआइएए की इस शर्त से पहले ही प्राधिकरण ने तय कर लिया था कि नदी किनारे की तरफ रोड पर जाली लगाई जाएगी। जिसका काम शुरू हो चुका है।

ये सुविधाएं देनी होंगी

-रोड पर शौचालय और यूरिनल बनाना होगा

-पीने के पानी की व्यवस्था रोड पर करनी होगी

-पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट वाले वाहनों को रोड पर चलने की इजाजत दी जाए

-ट्रैफिक साइनेज, माइलेज साइन और लाइट सिग्नल लगाया जाए

-एलिवेडे रोड यूजर्स को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाए

-कूड़ा कलेक्शन कराना होगा, उसका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करना होगा

व्यस्त समय पर दौड़ेंगे 5800 वाहन

प्राधिकरण के रिकॉर्ड अनुसार एलिवेटेड रोड पर व्यस्त समय पर 5800 वाहन दौड़ेंगे। जिससे शहर की अंदर की सड़कों पर आवागमन सुगम हो जाएगा। यह संख्या कुछ समय में बढ़ कर 7600 तक पहुंच जाएगी। प्राधिकरण ने रिपोर्ट में बताया कि शहर की सड़कों से दिन भर में अंदर और बाहर तीन लाख 33 हजार 197 वाहन दौड़ते हैं। ऐसे में इस रोड की उपयोगिता जायज है। उन्होंने भी बताया कि वॉल्यूम डिमांड टू कैपैसिटी रेश्यो 1 है। जिससे इसकी उपयोगिता साफ झलकती है।

एसईआइएए ने पर्यावरण मंजूरी देते वक्त कई शर्तें लगाई हैं। उन पर अमल करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सुरक्षात्मक इंतजाम किए जा रहे हैं। एंबुलेंस सेवा रहेगी। गार्ड भी लगाए जाएंगे। भविष्य में जरूरत पड़ी तो कैमरे भी लगाए जाएंगे।

हमारा गाज़ियाबाद के एंड्राइड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैंआप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।