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पुराने अस्पताल में डॉक्टर्स नहीं, होने लगी नया बनाने की तैयारी

पुराने अस्पताल में डॉक्टर्स नहीं, होने लगी नया बनाने की तैयारी

गाज़ियाबाद। सरकारी अस्पताल स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे हैं तो दूसरी ओर दो नए अस्पताल प्रस्तावित किये गए हैं। ऐसे में इन अस्पतालों के लिए स्टाफ कहां से आएगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
जिला व संयुक्त और महिला अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडिकल सहित अन्य स्टाफ के काफी पैड रिक्त पड़े हैं। यहां तक की विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी कमी है। नए डॉक्टर सरकारी सेवा में आने को तैयार नही हैं। तो वहीं स्वास्थ्य विभाव में डिप्टी सीएमओ के भी पांच पैड खयाल पड़े हैं। अब स्वास्थ्य विभाग लोनी और लाइन पर छेत्र में 50-50 बैड का अस्पताल बनने जा रहा है। इन अस्पतालों के निर्माण पर करोड़ो रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। अस्पताल तो बनकर तैयार हो जाएंगे लेकिन समस्या वहीं जस की तस बनी हुई है। इन अस्पतालों के लिए स्टाफ कहाँ से आएगा। इस बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं है।

हाल ही में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नए स्वास्थ्य केंद्र भी बनाये गए थे मगर वहां भी स्टाफ की कमी है। बर्न वार्ड आज तक स्टाफ के चलते शुरू नहीं हो पाया। संयुक्त अस्पताल में डायलिसिस वार्ड, ब्लड बैंक, लांड्री, जिला अस्पताल में जनरल वार्ड स्टाफ की कमी के कारण शुरू नहीं हो पाया है। आईसीयू वार्ड में भी दोपहर दो बजे के बाद ताला लग जाता है। क्योंकि स्टाफ ना होने के कारण यहां कम संख्या में ही मरीजों को भर्ती किया जाता है। सीएमओ डॉ. एन के गुप्ता ने बताया कि सभी अस्पतालों के लिए स्टाफ साशन स्तर से आएगा। ऐसे में मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आएगी।

 

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