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शाबाश इंडिया – उत्तर प्रदेश के इन स्टेशनों पर अब तैनात होंगी सिर्फ महिला कर्मचारी

शाबाश इंडिया – उत्तर प्रदेश के इन स्टेशनों पर अब तैनात होंगी सिर्फ महिला कर्मचारी

इलाहाबाद | उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल में दो स्टेशनों पर अब सिर्फ महिला कर्मचारी ही नजर आएंगी। डीआरएम एसके पंकज की पहल पर देश में अपने तरह का यह पहला अनूठा प्रयोग होने जा रहा है। हावड़ा-दिल्ली मेन रूट पर स्थित इलाहाबाद के बम्हरौली और कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन पर अब सिर्फ महिला कर्मचारी ही नज़र आएँगी।

इलाहाबाद मंडल में दो ए ग्रेड स्टेशन इलाहाबाद और कानपुर हैं। ऐसे में दोनों ए ग्रेड स्टेशन के पास के एक-एक स्टेशनों की बागडोर महिलाओं के हाथों में देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत इलाहाबाद के बम्हरौली और कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन का चयन किया गया है। इन दोनों स्टेशनों पर तीनों शिफ्ट में सिर्फ महिला कर्मचारियों की तैनाती होने जा रही है। इसके लिए कॉमर्शियल, ऑपरेटिंग और सुरक्षा विभाग की महिला कर्मचारियों से तबादले की सहमति ली जानी है। इलाहाबाद और आसपास के स्टेशनों तथा कानपुर और आसपास के स्टेशनों पर तैनात महिला कर्मचारियों की टीम इन दो स्टेशनों की कमान संभालने के लिए भेजी जाएगी। इसके बाद इन दोनों स्टेशनों पर रेल परिचालन की कमान संभालने वाले स्टेशन मास्टर से लेकर बाकी सभी पदों पर सिर्फ महिला कर्मचारी ही नजर आएंगी। सुरक्षा की कमान संभालने के लिए यहां महिला जवान तैनात होंगी तो टिकट खिड़की पर महिला बुकिंग क्लर्क रहेगी।

रेलवे में महिलाएं काफी समय से विभिन्न पदों पर काम कर रही हैँ। ट्रेन चलाने जैसी जिम्मेदारी भरी ड्यूटी महिला लोको पायलट अर्से से कर रही हैं। वहीं, टीटीई ट्रेन लेकर रात में भी दिल्ली व अन्य शहरों के लिए रवाना हो रहीं हैं। अन्य पदों पर भी महिलाएं बखूबी काम अंजाम दे रही हैं। पर पुरुषों के बीच काम करने से उनकी ताकत को समाज पूरी तरह नहीं आंक पा रहा है। ऐसे में महिलाओं के हाथों में दो स्टेशनों की बागडोर पूरी तरह सौंपकर महिला सशक्तीकरण का बड़ा संदेश देने की तैयारी की गई है।

नए प्रयोग और काम को नए तरीके से करने के लिए पहचान रखने वाले डीआरएम एसके पंकज का कहना है कि महिलाएं सभी पदों पर अपना फर्ज बखूबी अंजाम दे रहीं हैं। पुरुषों का समझा जाने वाला कामकाज महिला कर्मचारियों के ठीक से संभालने के बाद रेलवे में उनको यथोचित पहचान दिलाने के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है। दो स्टेशनों के नतीजे देखने के बाद ऐसे स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। ट्रेन से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को इस तरह से नारी सशक्तीकरण का संदेश आसानी से दिया जा सकेगा।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Friday 22 जून, 2018 01:36 AM