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मिसाल: सड़क के किनारे पड़े अज्ञात युवक का किया निशुल्क इलाज, परिजनों से मिलाया

मिसाल: सड़क के किनारे पड़े अज्ञात युवक का किया निशुल्क इलाज, परिजनों से मिलाया

लखनऊ। मानवीयता की मिसाल कायम करने वाली एक घटना सामने आई है जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों ने सड़क किनारे कोमा की स्थिति में पड़े मरीज का न सिर्फ एक सप्ताह तक इलाज किया बल्कि उसके स्वस्थ होने के बाद परिवार से भी मिलाया। बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी मरीज को अस्पताल प्रशासन अपने ही खर्च पर पहुंचाएगा।

बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ राजीव लोचन ने बताया कि नौ फरवरी को कैसरबाग बस अड्डे के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति पड़ा हुआ था। एक राहगीर ने उसको बेहोशी की अवस्था में बलरामपुर अस्पताल में लाकर भर्ती किया। डॉक्टरों ने जब उसे देखा तो वह कोमा में था। फिजिशियन डॉ विष्णु कुमार ने मरीज की जांच की तो उसमें डायबिटिज की पुष्टि हुई। उसकी पल्स नहीं मिलने के कारण वह कोमा में चला गया था। इलाज के दौरान जब उसको राहत तो मिली मगर अपनी पहचान नहीं बता पा रहा था।

डॉ राजीव लोचन ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। उसकी तलाशी लेने पर भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। डॉक्टरों ने देखा कि उसके हाथ पर कुछ टैटू बना हुआ है। टैटू में न सिर्फ उसका नाम थाए बल्कि पूरा पता भी लिखा हुआ था। टैटू के आधार पर उसका नाम जसदेव पासवानए ग्राम बुकुचीए थाना कटराए जिला मुजफ्फरपुर की पुष्टि हुई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कटरा पुलिस से संपर्क किया। जहां से पता चला कि वह पांच जनवरी से लापता है। उसके परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पुलिस ने परिवार को सूचना दी। उसके बाद जसदेव के चाचा अर्जुन पासवान अपने बेटे नवीन पासवान के साथ आए और उसकी पहचान की।
मरीज का परिवार मिल जाने और उसके स्वस्थ होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उसे छुट्टी दे दी है। अब जसदेव अपने चाचा अर्जुन और चचेरे भाई नवीन के साथ 16 फरवरी को यानि आज अपने गांव चला गया। अस्पताल प्रशासन ने ही टिकट का भी खर्च वहन किया है।

 

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