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जानिये पाकिस्तान में क्यों बैन है वेलेंटाइन डे

जानिये पाकिस्तान में क्यों बैन है वेलेंटाइन डे

नई दिल्ली। आज पूरी दुनियाभर वैलेंटाइन के रंग में नहाए हुए हैं तो पाकिस्तान में ये पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहां इसे युवाओं को गुमराह करने वाला माना जाता है और साथ ही गैर इस्लामी भी। लिहाजा वहां के मीडिया में वैलेंटाइन का नामोनिशान भी नहीं है और न ही बाजारों में चहल पहल। पाकिस्तान में वैलेंटाइन डे पर प्रतिबंध है। ये बैन पिछले दो तीन सालों में और कड़ा हुआ है। लोगों के इस दिन सार्वजनिक तौर पर मिलकर प्यार का इजहार करने पर रोक है। पिछले साल इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इस पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि ये इस्लाम की शिक्षा के खिलाफ है। ये पश्चिम से आयात की हुई संस्कृति की देन है।

कोर्ट ने इसके बाद पूरे देश में इसके आयोजन और कवरेज दोनों पर रोक लगा दी थी। हर वैलेंटाइन डे से पहले पाकिस्तान इलेट्रानिक मीडिया रेगुलेटरी अथारिटी (पेमरा) एडवाइजरी जारी कर चेतावनी देता है कि किसी भी वैलेंटाइन डे समारोह का प्रसारण टीवी और रेडियो पर नहीं किया जाए। वैसे पाकिस्तान में इस दिन वैलेंटाइन को लेकर कोई आधिकारिक इवेंट किसी सार्वजनिक जगह पर होते भी नहीं। कुछ समय पहले तक पाकिस्तान में बाजार इस दिन पर लोगों के लिए फूल, चाकलेट और वैलेंटाइन दिल आदि बेचने का काम करता है लेकिन अब वो भी खत्म हो चुका है। कट्टरवादी संगठनों की नजर युवाओं पर रहती है, जो वैलेंटाइन पर साथ साथ मिलते या घूमते हैं।

पाकिस्तान में माना जाता है कि ऐसी चीजें युवाओं को बर्बाद कर देंगी। उन्हें नैतिकता की राह पर नहीं चलने देंगी। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने एक साल पहले अपनी वेबसाइट के जरिए इसे लेकर एक पोल कराया था, जिसमें 80 फीसदी से ज्यादा पाठक इस्लामाबाद हाईकोर्ट के वैलेंटाइन पर बैन के फैसले से सहमत थे। वैलेंटाइन डे पर केवल पाकिस्तान ही नहीं बल्कि कई मुस्लिम देशों में रोक है। इंडोनेशिया में भी सरकारी और धार्मिक स्तर पर इस पर रोक है। वहां इसे इस्लामिक संस्कृति के खिलाफ माना जाता है। पिछले साल मुसलमानों ने वैलेंटाइन डे नहीं मनाने की अपील करने के लिए चार शहरों में बड़ी रैलियां निकाली थीं। इंडोनेशिया में वर्ष 2012 में एक फतवे के बाद से इसे मनाने पर रोक है।

मलेशिया में वैलेंटाइन डे से पहले हिदायत दी जाती है कि इस दिन मिलना तो दूर अपने वाट्सएप और सोशल साइट्स पर भी ऐसा कुछ नहीं लिखें जो प्यार को जताने वाला हो, केवल सामान्य टेक्स्ट ही लिखें। एमएमएस या वाट्सएप पर कुछ लिखते समय अपनी भावनाओं का ज्यादा प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं। सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम देशों में भी इस पर रोक है।

 

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By प्रगति शर्मा : Monday 26 फ़रवरी, 2018 04:58 AM