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औरत सिर्फ पर्दे में ही है महफूज, बरेली में बोले उलेमा

औरत सिर्फ पर्दे में ही है महफूज, बरेली में बोले उलेमा

बरेली | बरेली के नवाबगंज में इस्लामिक कॉन्फ्रेंस के मौके पर उलेमा ने शरीयत के बारे में लोगों को जानकारी देते हुए कहा है कि दुनिया में औरत जब तक पर्दे में है महसूस रहेगी। साथ ही उन्होंने शादी जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची से भी बचने की सलाह दी है। उन्होंने शरीयत कानून के साथ की जा रही छेड़छाड़ को गलत बताया है।

पैगामे गौसुलवरा कान्फ्रेंस नाम का यह जलसा नवाबगंज के साबरी शादी हाल अशरफी मस्जिद के पास हुआ। मुफ्ती साजिद हसनी ने कहा कि तालीम के बिना कोई भी समाज तरक्की नहीं कर सकता है। कार्यक्रम की शुरूआत मौलाना हाफिज मोहम्मद यासीन अशरफी ने तिलावते कुरआन से की। किछौछा शरीफ से आए मौलाना जाबिर अहमद अशरफी ने कान्फ्रेंस की सरपरस्ती की कान्फ्रेंस की कियादत खानकाहे अशरफी बामिकी के नायब सज्जादा नशीन हजरत मौलाना सय्यद मोहम्मद असलम मियां वामिकी अशरफी ने की जबकि कान्फ्रेंस की अध्यक्षता ख्वाजा इमाम इस्लामिक ट्रस्ट के फाउंडर इस्लामिक स्कालर मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने की है। मुफ्ती साजिद हसनी ने मुसलमानों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ साथ दिनी तालीम भी दे।। आज के दौर में तालीम की सबसे अधिक अहमियत है, ओर तालीम के बिना कोई भी समाज तरक्की नही कर सकता है।

मौलाना डॉ महमूदुल हसन ने इस्लामी औरतो को पर्दे में रहने एवं आज के दौर में लोगों द्वारा शादियों में की जा रही फिजूलखर्ची पर पाबन्दी लगाने का आह्वान किया। हाफिज मौलाना मुफ़्ती रिज़वान अहमद किछौछवी ने शरीयत कानून के साथ कि जा रही छेडछाड को गलत बताया है। मौलाना हाफिज मोहम्मद यासीन अशरफी कादरी, कमाल निशात अशरफी, मौलाना गुलाम मुस्तफा, मौलाना नईम अशरफी, मुफ्ती इरशाद अहमद मौलाना अमन ने भी तकरीर की । महफिल के दौरान कमेटी की ओर से मेहमानों का गुलपोशी कर इस्तकबाल किया गया। कान्फ्रेंस का संचालन मौलाना गुलाम मुस्तफा ने किया।


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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Thursday 22 फ़रवरी, 2018 20:12 PM