ताज़ा खबर :
prev next

खेती के लिए छोड़ दी इंजीनियरिंग, शुरू किया खुद का बिजनेस

खेती के लिए छोड़ दी इंजीनियरिंग, शुरू किया खुद का बिजनेस

जयपुर। वर्तमान अधिकांश किसानों का पलायन शहर की तरफ हो रहा है इसके विपरीत राजस्थान के दीपक नायक पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हुए भी स्ट्रॉबेरी की खेती करके किसानों के लिए तरक्की के नये दरवाजे खोल रहे हैं। दीपक जीवन में कुछ अलग करना चाहते हैं इसलिए उन्होंने इंजीनियरिंग को छोड़कर खेती करने का मन बनाया। उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती करना शुरू किया।

अलग सोच रखने वाले दीपक उस फसल की खेती नहीं करना चाहते थे, जो फसल उनके या आसपास के गांव के लोग करते थे। इसके लिए उन्होंने अपने अमेरिका में रहने वाले दोस्त से सलाह ली। दोस्त की सलाह पर दीपक ने स्ट्रॉबेरी की खेती करने का फैसला किया। इसके लिए उनके दोस्त ने कुछ उपाय बताए साथ ही यूट्यूब पर वीडियो देखकर खेती करनी शुरू की।

स्ट्रॉबेरी की खेती के लिये तापमान 10 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। जिसके लिए उन्होंने खेती सर्दियों में खेती करने का फैसला किया। एक वेबसाइट के अनुसार दीपक ने बताया कि एक एकड़ जमीन पर लगभग 24000 पौधे लगाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दो कतारों के बीच की दूरी शुरुआत में 10 से 12 इंच तक होनी चाहिए।

दीपक के गांव से जुड़े बिलावर और अजमेर में उनकी स्ट्रॉबेरी की अच्छी मांग है। ऐसा इसलिए क्योंकि आस-पास के इलाकों में इसकी खेती ही नहीं हो रही है। दीपक 200 रुपए प्रति किलो की दर से स्ट्रॉबेरी बेचते हैं। वह सीधे ग्राहकों को अपनी फसल बेचते हैं।

स्ट्रॉबेरी को ज्यादा समय तक स्टोर करके नहीं रखा जा सकता। वहीं महाराष्ट्र में उगने वाली स्ट्रॉबेरी को पहले अहमदाबाद लाया जाता है और फिर आस-पास के बाजारों तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में एक हफ्ते तक का समय लगता है और इस वजह से ग्राहकों को ताजी स्ट्रॉबेरी नहीं मिल पाती। इसी के साथ दीपक को इस बात की खुशी है कि वह ग्राहकों को ताजी स्ट्रॉबेरी उपलब्ध करा रहे हैं।

(साभार प्रियंका शर्मा)

 

हमारा गाज़ियाबाद के एंड्राइड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैंआप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।

By प्रगति शर्मा : Thursday 22 फ़रवरी, 2018 20:03 PM