ताज़ा खबर :
prev next

जानिए, कुतुबमीनार में कहां दफ़न है ‘अलाउद्दीन खिलजी’

जानिए, कुतुबमीनार में कहां दफ़न है ‘अलाउद्दीन खिलजी’

नई दिल्ली। कुतुबमीनार भारत में दक्षिण दिल्ली शहर के महरौली में स्थित, ईंट से बनी विश्व की सबसे ऊँची मीनार है। बहुत कम लोग ऐसे हैं जो सन 1296 और 1316 के समय हिन्दुस्तान में शासन करने वाले अलाउद्दीन खिलजी के बारे में ये जानते हैं कि खिलजी को कहां दफन किया गया था। आइए जानते हैं दिल्ली सल्तनत पर राज करने वाले शमशेर के बारे में-

हर रोज 10 से 12 हजार देश-विदेश के लोग कुतुबमीनार को देखने के लिए से आते हैं। कुतुबमीनार को देखने के साथ ही पर्यटक यहां लगे एक लौह स्तंभ को भी बड़े गौर से देखते हैं। कुतुबमीनार से सटे परिसर में अलाउद्दीन खिलजी के मकबरे के साथ ही मदरसा है। इसके कुछ ही दुरी पर गुम्बद के नीचे चौकोर चबूतरा है। ये ही अलाउद्दीन खिलजी का मकबरा है। बता दें, 1316 में खिलजी की मौत हुई थी। इसी से सटा हुआ है मदरसा।

खिलजी ने बच्चों को पारंपरिक तालीम देने के लिए इस मदरसे का निर्माण कराया था। कब्र के चारों ओर लोग खड़े होकर बड़े ही शौक से सेल्फी लेते हैं, लेकिन किसी को यह नहीं पता कि सामने ही खिलजी अपनी कब्र में सोया हुआ है। इसी परिसर में अलाई दरवाजा भी है। आगे जाने पर अलाई मीनार भी मौजूद है जिसे खिलजी ने कुतुब मीनार से दो गुणा ऊंची मीनार बनाए जाने के लिए काम शुरू कराया था।

अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 में हौजखास एंक्लेव के पास सीरीफोर्ट का निर्माण कराया था। उसने इसी किले से शासन किया। उस समय की कुछ मस्जिदें अब भी मौजूद हैं। मगर किला के अधिकतर भाग का नामोनिशान मिट चुका है। खिलजी काल में बनी तोहफे वाली मस्जिद का कुछ हिस्सा शाहपुरजट गांव के पास आज भी मौजूद है। सीरी फोर्ट से शासन करते हुए खिलजी मंगोलों से लड़ता रहा और 1316 में उसकी बीमारी से मौत हो गई।

अलाउद्दीन खिलजी ने अक्टूबर 1296 को अपने चाचा जलालुद्दीन की हत्या धोखे से कर दी थी जब वो उससे गले मिल रहे थे। उसने अपने सगे चाचा के साथ विश्वासघात कर खुद को सुल्तान घोषित कर दिया और दिल्ली में स्थित बलबन के लाल महल में अपना राज्याभिषेक 22 अक्टूबर 1296 को संपन्न करवाया। मीनार के चारों ओर बने भारतीय कला के कई उत्कृष्ट नमूने हैं, जिनमें से अनेक इसके निर्माण काल सन 1193 या उससे पहले के ही हैं।

 

हमारा गाज़ियाबाद के एंड्राइड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैंआप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।