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माँ सरस्वती की आराधना से मिलता है ज्ञान, जानिए कुछ मंत्रों के बारे में

माँ सरस्वती की आराधना  से मिलता है ज्ञान, जानिए कुछ मंत्रों के बारे में

गाज़ियाबाद | आज देश भर में बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। बसंत पंचमी को हम श्री पंचमी के नाम से भी जानते हैं। कहा जाता है कि वसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। शास्त्रों के अनुसार जब पूरी सृष्टि मौन थी तो ब्रह्मा जी ने विष्णु जी की अनुमति लेकर अपने कमंडल के जल से सरस्वती की उत्पत्ति की। इसके बाद सृष्टि को स्वर मिले देवता और मनुष्य, सभी मां सरस्वती की पूजा अराधना करने लगे। इसलिए वसंत पंचमी को मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है और लोग पीले वस्त्र धारण करते हैं।
मां सरस्वती के 12 नाम बताए गए हैं। कहा जाता है कि इन नामों का नियमित रूप से ध्यान करने वाले मनुष्य की जिह्वा के अग्रभाग में मां सरस्वती का वास हो जाता है। इतना ही नहीं विद्या की देवी मां सरस्वती सदैव उस व्यक्ति की सहायता करती हैं। सरस्वती के 12 नामों वाला मंत्र इस प्रकार है –

प्रथम भारती नाम, द्वितीय च सरस्वती,तृतीय शारदा देवी, चतुर्थ हंसवाहिनी, पंचमम् जगतीख्याता, षष्ठम् वागीश्वरी तथा सप्तमम् कुमुदीप्रोक्ता, अष्ठमम् ब्रह्मचारिणी,नवम् बुद्धिमाता च दशमम् वरदायिनी, एकादशम् चंद्रकांतिदाशां भुवनेशवरी, द्वादशेतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेनर:, जिह्वाग्रे वसते नित्यमं ब्रह्मरूपा सरस्वती सरस्वती महाभागे विद्येकमललोचने विद्यारूपा विशालाक्षि विद्या देहि नमोस्तुते”

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Thursday 22 फ़रवरी, 2018 14:10 PM