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महिला उत्पीड़न को दूर करना है स्वयं महिलाओं के हाथ में: सोशल वर्कर प्रियांजली मिश्रा

महिला उत्पीड़न को दूर करना है स्वयं महिलाओं के हाथ में: सोशल वर्कर प्रियांजली मिश्रा

गाज़ियाबाद। पिछले कुछ सालों में देश में महिलाओं के साथ घट रही अपराधिक घटनाओं ने मानवता को शर्मशार कर दिया है। एक सर्वे रिपोर्ट के असुसर एक साल में अमूमन हर तीन में से दो महिलाएं यौन उत्पीड़न का शिकार होती है। यही मुख्य कारण है जिस वजह से पुलिस महिलाओं में अपना विश्वास खोती जा रही है। एक सर्वेक्षण में यह पाया गया की औसतन 100 में से 80 महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

महिला उत्पीड़न व बलात्कार की घटना केवल देर शाम में, रात्रि में ही नहीं हो रही है बल्कि घर पर भी किसी परिजन के द्वारा या दफ्तर में साथ काम करने वाले सहभागी द्वारा भी ऐसे कई अपराधिक मामले उजागर हुए है। एक गैर सरकारी संस्था द्वारा किये गए सर्वे में यह पाया गया की इन बढ़ते अपराधों  के पीछे मुख्य कारण था काम करने वाली जगह में आपसी सहयोग की कमी, ना के बराबर पुलिस सेवा, खुलेआम शराब का सेवन, नशे की लत एवं शौचालयों की कमी।

महिलाओं के साथ बढ़ती अपराधिक घटनाओं को देखते हुए अब इस्पे ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। जिससे कि महिला अपराध के बढ़ते मामलों पर काबू पाया जा सके और महिलाएं भी अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हुए पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलकर देश को विकसित एवं समृद्ध बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे सके। हमारे लिए ये शर्म की बात है की हमारे देश में महिलाओं को भय में जीना पड़ रहा है। हर परिवार के लिए उनकी महिला सदस्यों की सुरक्षा चिंता का मुद्दा बन चुका है। महिला सुरक्षा में कुछ सुधार से हम समाज में बड़ा बदलाव ला सकते है किन्तु महिलाओं को स्वयं ही सुरक्षित रहने के लिए अपने साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाना होगा ।

महिला सुरक्षा से जुड़े कुछ सुझाव

1-  सबसे पहले हर महिला को आत्म-रक्षा करने की तकनीक सीखनी होगी। जिससे की वे अपनी रक्षा स्वयं कर सके।
2- अक्सर ऐसा देखा गया कि महिलाएं स्थिति की गंभीरता को किसी भी पुरुष की बजाए जल्दी भांप लेती है। अगर उन्हें किसी तरह की             गड़बड़ी की आशंका लगती है तो उन्हें जल्द ही कोई ठोस कदम उठा लेना चाहिए।
3- महिलाओं को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की वे किसी भी अनजान पुरुष के साथ अकेले में कही न जाये।
4- महिलाओं को कभी भी अपने आप को पुरुषों से कम नही समझना चाहिए फिर चाहे वह मानसिक क्षमता की बात हो या फिर शारीरिक         बल की।
5- महिलाओं को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि वे इंटरनेट या किसी भी अन्य माध्यम के द्वारा किसी भी तरह के अनजान               व्यक्ति से बातचीत करते वक्त सावधान रहे और उन्हें अपना निजी विवरण न दे।
6- महिलाओं को घर से बाहर जाते वक़्त हमेशा अपने साथ मिर्च स्प्रे करने का यंत्र रखना चाहिए। हालाँकि ऐसा जरुरी भी नहीं की इसी पर         पूरी तरह निर्भर रहें वे किसी और विकल्प का भी इस्तेमाल कर सकती है।
7- अपने आप को विपरीत परिस्थिति घिरा देख महिलाएं अपने फ़ोन से इमरजेंसी नंबर या किसी परिजन को व्हाट्सएप्प भी कर सकती है।
8- किसी भी अनजान शहर के होटल या अन्य जगह रुकना हो तो वहाँ के स्टाफ के लोगो तथा बाकी चीज़ो की सुरक्षा को पहले ही सुनिश्चित       कर ले।
9- आवश्कता पड़ने पर या अपने आसपास ऐसे घटना को देख कर हेल्पलाइन न जैसे 100,181,1090,1091,1098 पर संपर्क करें।

(महिला सुरक्षा एक सामाजिक मसला है, इसे जल्द से जल्द सुलझाने की जरुरत है। देश की लगभग आधी जनसँख्या है जो शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक रूप से पीड़ित है। यह देश के विकास तथा तरक़्क़ी में बाधा बन रहा है। स्वयं सुरक्षित रहे और दूसरों को भी सुरक्षित करे,चुप्पी तोड़े और आगे एक कदम सफलता की और ले।)

प्रियांजली मिश्रा
सोशल वर्कर/परामर्शदाता
आपकी सखी,आशा ज्योति केंद्र/वन स्टाप सेंटर ग़ाज़ियाबाद

 

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By प्रगति शर्मा : Tuesday 20 फ़रवरी, 2018 08:45 AM