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58 गांवों के किसानों का दो सौ करोड़ रुपया बकाया

58 गांवों के किसानों का दो सौ करोड़ रुपया बकाया

गाज़ियाबाद। गाज़ियाबाद व हापुड़ में संचालित पांच बड़े योजनाओं से प्रभावित 58 गांवों के किसान मुआवजा पाने के लिए लाइन में खड़े हैं। किसानों का 200.38 करोड़ रुपया बकाया है। इसके साथ ही बड़ी तादाद ऐसे किसानों की भी है जो बढ़ा हुआ मुआवजा पाने के लिए आर्बिट्रेशन कोर्ट में अपनी पैरवी कर रहे हैं।

जमीन अधिग्रहण के बदले गाज़ियाबाद व हापुड़ में प्रभावित किसानों को मुआवजा दिए जाने का काम एडीएम भू-अर्जन के यहां से होती है। वर्तमान में दोनों जिलों में पांच बड़ी योजनाएं संचालित हैं, जिसमें गाज़ियाबाद के अंदर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का काम चल रहा है। उधर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर हापुड़ व गाज़ियाबाद से होकर गुजरना है, जिसका जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके साथ ही बुलंदशहर से मेरठ को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 235 को लेकर जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों को अभी तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का अब तक 1314.36 करोड़ रुपया किसानों को बांटा जा चुका है। जबकि सरकारी खजाने में योजना का अभी 2.15 करोड़ रुपया शेष बचा है। वहीं, अधिग्रहण से प्रभावित करीब 300 किसान आर्बिट्रेशन को लेकर जनपद न्यायालय में वाद दाखिल किए हुए हैं। उधर, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे का 688.43 करोड़ रुपया वितरित किया जा चुका है जबकि 154.31 करोड़ रुपया शेष बचा है।

वहीं, बड़ी संख्या में मामले आर्बिट्रेशन कोर्ट में लंबित हैैं। इसी तरह के फ्रेट कॉरिडोर का गाज़ियाबाद में 21.34 व हापुड़ में 15.68 करोड़ रुपया अवशेष बचा है। एनएच- 235 का भी 6.89 करोड़ रुपया अवशेष है। ध्यान रहे कि दिल्ली मेरठ में 18 व ईस्टर्न पेरिफेरल में 16 गांवों के किसानों की जमीन गई है।

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