ताज़ा खबर :
prev next

बेटे का इलाज कराने आई थी मायके, पति आया और दे गया ट्रिपल तलाक

बेटे का इलाज कराने आई थी मायके, पति आया और दे गया ट्रिपल तलाक

हापुड़ | सुप्रीम कोर्ट ने इंसटेंट तलाक को भले ही गैरकानूनी करार दे दिया हो, मगर देश में लगभग हर रोज ट्रिपल तलाक के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में हापुड़ की एक महिला को उसके पति ने मायके में रहने और खर्च के लिए पैसे मांगने पर तीन बार तलाक बोलकर उससे मुक्ति पाने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला अपने बेटे के इलाज के लिए मायके में रह रही थी. महिला ने इस मामले में न्याय के लिए पुलिस से गुहार लगाई है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मोहल्ला मजीदपुरा में रहने वाली मोसिना का निकाह तीन साल पहले गांव सरावा के नदीम से हुआ था। कुछ दिन पहले ये दोनों काम के सिलसिले में गाजियाबाद के डासना में रहने लगे थे। यहां नदीम की दुकान है। मोसिना ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले उससे आए दिन दहेज की मांग किया करते थे। महिला ने बताया कि बेटे के इलाज के कारण पिछले एक महीने से वह हापुड़ में रह रही थी। उसके 14 महीने के बेटे को खून की कमी है और हापुड़ में उसका इलाज चल रहा है।

हापुड़ के एएसपी राममोहन सिंह ने बताया कि पीड़िता गुरुवार की शाम पुलिस के पास आई और बताया कि उसके पति ने उसे तीन तलाक बोलकर छुटकारा पा लिया है। महिला ने बताया कि बेटे के इलाज के लिए पैसे नहीं देने के कारण वह मायके में रहकर बेटे का इलाज करा रही थी। महिला ने बताया कि उसका पति बृहस्पतिवार को अपनी ससुराल पहुंचा और उसे तीन बार तलाक बोल दिया। शाम के समय पीड़िता अपने भाइयों के साथ थाने पहुंची और तहरीर दी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका पति उसके साथ आए दिन मारपीट भी किया करता था। पुलिस ने दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है।

कॉंग्रेस व कुछ अन्य दलों के विरोध के कारण ट्रिपल तलाक विधेयक राज्यसभा में पास नहीं हो पाया। स्पष्ट है कि विरोध करने वाले सभी दलों को महिलाओं की सुरक्षा से ज्यादा चिंता अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने की है।

आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।

By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Monday 22 जनवरी, 2018 06:08 AM