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कितनी सच्चाई है महाभारत की कथा में, बागपत में पता लगाएंगे पुरातत्व शास्त्री

कितनी सच्चाई है महाभारत की कथा में, बागपत में पता लगाएंगे पुरातत्व शास्त्री

बागपत | महाभारत की कथा सच्ची है या नहीं, इस बात से जल्द ही पर्दा उठ जाएगा। गाज़ियाबाद से कुछ ही किलोमीटर दूर बागपत जिले को महाभारत कालीन भूमि कहा जाता है। बागपत जिले के बरनावा गाँव में एक टीले को महाभारत के समय का लाक्षागृह बताया जाता है। यहां एक सुरंग भी है, जिसे महाभारत के समय का प्रमाण बताया जाता है। सुरंग के महाभारत से संबंध की जाँच करने के लिए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों ने बुधवार को इस इलाके में खुदाई शुरू कर दी है। खुदाई के इस काम में 15 शोधकर्ता छात्रों की टीम और पुरातत्व विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी जुड़े हुए हैं।

इतिहासकार व शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन पुरात्व विभाग की टीम के साथ बुधवार को बागपत स्थित लाक्षाग्रह पर पहुंचे तो यहां उन्होंने भौगोलिक जानकारी के अलावा लगाए जा रहे ट्रेंच का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल एल सेफ में ट्रेंच लगाया गया है, जिसका दायरा बहुत जल्द बढ़ा दिया जाएगा और करीब दो माह बाद यहां उत्खनन करने के बाद टीले के चारों ओर ट्रेंच लगाया गया है।

उम्मीद है कि यहां महाभारत कालीन नए रहस्यों को उजागर किया जा सकेगा, क्योंकि इतिहासकारों का मानना है कि यहां पर पांडवों की हत्या की साजिश दुर्योधन ने रची थी, लेकिन विदुर के आगे उनकी योजना धरी रह गयी। विदुर ने पांडवों को सुरक्षित निकाला था। लोगों का मानना है कि यह टीला वही लाक्षागृह है जहां पांडवों को जलाने का प्रयास किया गया था।

गाज़ियाबाद और बागपत समेत मेरठ छावनी में ऐतिहासिक और पौराणिक दृष्टि से अनेक महत्वपूर्ण स्थल हैं। इनमें से कुछ अतिक्रमण का तो कुछ सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। सरकार को इन अवशेषों के संरक्षण का काम यथाशीघ्र शुरू करना चाहिए।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Monday 22 जनवरी, 2018 06:03 AM