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क्या आप जानते हैं- सर्दियों में दस गुना ज्यादा बढ़ जाता है डिप्रेशन

क्या आप जानते हैं- सर्दियों में दस गुना ज्यादा बढ़ जाता है डिप्रेशन

नई दिल्ली। मौसम में बदलाव और सर्दियां बढ़ते ही लोगों में डिप्रेशन की समस्या बढ़ने लगती है। सर्दियों के मौसम में यह आम दिनों की अपेक्षा 10 फीसदी तक बढ़ जाती है। मनोचिकित्सकों के मुताबिक सर्दी में लोग अधिकतर घर में रहने लगते हैं और सामाजिक कार्यों में कमी आने लगती है। जिससे यह समस्या बढ़ने लगती है।

यह समस्या सर्दियों में बुजुर्गों में सबसे अधिक देखने को मिलती है। अधिकतर घरों में रहने से और ठंड की वजह से शारीरिक श्रम की भी कमी हो जाती है। इसके अलावा सर्दियों में डिप्रेशन का कारण अकेलापन भी है। इसके साथ ही डिप्रेशन का प्रमुख कारण है धूप की कमी होना। धूप से शरीर को ‘विटामिन डी’ तो मिलता है इसके साथ ही इससे ‘सेरेटिनिन’ नामक हार्मोन में भी बढ़ोत्तरी होती है। मनोचिकित्सक डा. संजीव त्यागी के मुताबिक, सर्दियों में लोगों में सेरेटिनिन नामक हर्मोन की कमी हो जाती है। यह हार्मोन खुशी को बढ़ाने का कारक होता है। सर्दियों के मौसम में डिप्रेशन के मरीजों की संख्या सामान्य से दस फीसदी तक बढ़ जाती है।

डिप्रेशन दूर करने के उपाय-

सर्दियों में धूप का आनंद लें।

जहां तक हो सके तो परिवार के लोगों के बीच रहें।

अकेले कमरे में बंद ना रहें।

मन में नकारात्मक विचार ना आने दें।

अकेले हों तो पसंद के गाने सुनें।

उम्मीद है कि विशेषज्ञों द्वारा दी गई इन जानकारियों से आप संतुष्ट होंगे।

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