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नाबालिग की शादी में शामिल हुए तो पहुंचेंगे जेल, टेंट वालों और पंडित-मौलवियों पर भी होगी कार्यवाही

नाबालिग की शादी में शामिल हुए तो पहुंचेंगे जेल, टेंट वालों और पंडित-मौलवियों पर भी होगी कार्यवाही

गाज़ियाबाद | उत्तर प्रदेश में बाल विवाह रोकने के लिए सरकारी अधिकारियों ने अपना होम वर्क शुरू कर दिया है। इसके लिए हर जिले में प्रोबेशन विभाग द्वारा जल्द ही ग्राम प्रधानों व अन्य जन प्रतिनिधियों के जरिए जागरूकता अभियान चलाए जाने की योजना है। बाल विवाह में शिरकत करने वाले न सिर्फ मां-बाप, बल्कि अन्य घराती व बराती और टेंट, कैटरर्स व पंडित और मौलवी भी दोषी माने जाएंगे।

पूर्वांचल के पिछड़े इलाके में होने और साक्षरता की दर में कमी होने के कारण गरीब व अन्य वर्ग के लोगों में जागरूकता का अभाव होने के कारण लोग अपनी लड़कियों के हाथ जल्द ही पीला करना चाहते हैं, जिसमें बलि का बकरा नाबालिग लड़कियां बनती हैं और कम उम्र में लड़कियों की शादी होने के कारण वह जल्द ही मां भी बन जाती हैं, जिससे वह न तो अपना खयाल रख पाती हैं और न ही अपने बच्चे का। जनपद में इस बाल विवाह को रोकने के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी गठित करने की योजना चल रही है, जो कि गोपनीय तरीके से जनपद में हो रहे विवाह की सूचना संकलित करेगी और यदि मामला बाल विवाह का निकलेगा तो दोनों पक्षों पर कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा वाहन, टेंट व कैटरर्स मालिकों के साथ भी एक बैठक किया जाएगा, जिसमें उनको यह बताया जाएगा कि बुकिंग करते समय लड़की व लड़के के उम्र के बारे में पूछताछ करें और जरूरी हो तो शपथ-पत्र भी लें और उसके बाद भी संदेह हो तो विभाग को सूचित करें। उन्होंने बताया कि शादी समारोह संपन्न कराने वाले पंडित व मौलवी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी यदि कोई लड़की नाबालिग पाई जाती है और शादी-विवाह में शिरकत करने वाले नाते-रिश्तेदारों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

समाज के सभी वर्गों को बाल-विवाह के विरोध में एकजुट होकर काम करना होगा। शहरों में रहकर काम करने वाले ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अपने छोटे-छोटे बच्चों की गाँव में जाकर शादी कर देते हैं। इन्हें शिक्षित करने की ज़िम्मेदारी आप और हमें मिलकर ही उठानी होगी।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Sunday 18 फ़रवरी, 2018 23:18 PM