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बेतहाशा बढ़ती जनसंख्या – साँप को छोड़ रस्सी पीटने में लगे हैं हमारे नेता और मीडिया

बेतहाशा बढ़ती जनसंख्या – साँप को छोड़ रस्सी पीटने में लगे हैं हमारे नेता और मीडिया

गाज़ियाबाद | अभी हाल ही में मुंबई के कमला मिल कंपाउंड स्थित एक रेस्टोरेन्ट में हुए अग्निकांड में 14 व्यक्तियों की जलकर मौत हो गई जबकि 50 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद फिल्म अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद हेमामालिनी ने कहा कि मुंबई की बेतहाशा बढ़ती आबादी के कारण व्यवस्था को संभालना पुलिस के भी काबू से बाहर हो गया है और सुझाव दिया कि हर शहर के लिए जनसंख्या को सीमित कर देना चाहिए। यह दुर्घटना अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुई और उन्होंने आश्चर्य जताया कि ऐसे पब के संचालन की अनुमति देने से पहले वे सुरक्षा मानदंडों को नजरअंदाज कैसे कर सकते हैं।

हेमामालिनी ने जो कुछ भी कहा वह हकीकत है, मगर एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ की तरह उनकी भाषा लच्छेदार न होने के कारण उनका यह बयान मीडिया और नेताओं के बीच बहस का मुद्दा बन गया। बढ़ती जनसंख्या को बढ़ते वोट बैंक के रूप में देखने वाले हमारे नेताओं को भाजपा सांसद की खरी बात गले नहीं उतरी और मीडिया को भी बयान से बवाल बनाने के लिए मुद्दा मिल गया। इन सब के बीच हेमा द्वारा उठाया गया बेहिसाब जनसंख्या का मुद्दा कहीं छुप कर रह गया।

हमारे गाज़ियाबाद में भी कैला भट्टा, नन्द ग्राम, दिल्ली गेट, डासना गेट, चन्द्र्पूरी, सिहानी गेट और जटवाड़ा जैसी अनेकों घनी बस्तियाँ हैं, जहां दुर्भाग्य से यदि आग लग जाए तो फायर ब्रिगेड के वहाँ तक पहुँचने से पहले जनधन का भारी नुकसान हो चुका होगा। सरकार के पास संसाधनों की कमी का रोना तो हम सभी रोते हैं, मगर क्या हमने कभी यह सोचा है कि सरकार भी एक हद तक ही साधन उपलब्ध करा सकती है। दशकों से लगातार बेतहाशा बढ़ती जनसंख्या और असंतुलित विकास के कारण हमारे देश के महानगरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर इतना दबाव पड़ा है कि अब वह चरमरा कर टूटने के कगार पर है।

क्या अब वह समय नहीं आ गया है जब हमारे पक्ष विपक्ष के नेता और सभी धर्मों के प्रचारक, उपदेशक और मीडिया के महारथी एक साथ मिलकर जनसंख्या को गंभीर मुद्दा मान कर इसे काबू में लाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू कर दें?

  • बढ़ती जनसंख्या को काबू में लाने के लिए सरकार को कड़े नियम बनाने ही होंगे।
  • जिस परिवार में दो से अधिक बच्चे हों, उनको मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाओं और सबसिडी पर रोक लगे।
  • ऐसे नेताओं के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगे, और ऐसे परिवारों को सरकारी नौकरियों के लिए भी अयोग्य घोषित कर दिया जाए।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Tuesday 23 जनवरी, 2018 19:25 PM