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मां के पैर छुए और भतीजी को आशीर्वाद दिया फिर चुरा ले गये साढ़े तीन लाख की ज्वेलरी

मां के पैर छुए और भतीजी को आशीर्वाद दिया फिर चुरा ले गये साढ़े तीन लाख की ज्वेलरी

गाज़ियाबाद। पीली पर्ची गैंग का आतंक चरम पर है। विजयनगर के प्रताप विहार में इसी तरह की एक और वारदात सामने आई है। आरोपी ने पीड़ित की मां के पैर छूकर टेबल पर रखी उनके घर की चाभी ले ली। इसके बाद अलमारी के लॉकर से करीब साढ़े तीन लाख रुपये की ज्वेलरी व नकदी उड़ा दी। जाते समय भतीजी ने पूछा तो उसके सिर पर हाथ फेरकर आरोपी चलता बना। पीड़ित ने 100 नंबर पर सूचना दी और थाने में जाकर तहरीर दी है।

एक फुटवेयर कंपनी के लैब एंड टेस्ट मैनेजर निखिल दीक्षित ने प्रताप विहार सेक्टर-12 के सी ब्लॉक में रहते हैं। पत्नी शिखा प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं। पास में ही मां निर्मला रहती हैं। शिखा रविवार को हापुड़ अपने मायके गई थीं। निखिल के मुताबिक दोपहर डेढ़ बजे एक युवक मोटरसाइकिल से मां के घर पहुंचा। वह अच्छी कद-काठी और गोरे रंग का था। उसने खुद को नीरज का दोस्त बताते हुए निर्मला के पैर छुए और निखिल के इंश्योरेंस की पीली पर्ची मांगी। मां ने इंकार किया तो आरोपी ने उसके मकान की चाभी मांगी। निर्मला के कुछ बोलने से पहले ही आरोपी ने चाभी उठा ली।

निर्मला के साथ मौजूद निखिल की 15 वर्षीय भतीजी आरोपी के पीछे गई। युवक ने निखिल के घर और उसकी अलमारी का ताला खोला। मगर लॉकर नहीं खुला तो आरोपी ने दो ताले तोड़ दिए। इसी बीच भतीजी भी पहुंच गई और वह आरोपी से पूछताछ करने लगी। निखिल का कहना है कि आरोपी ने भतीजी के सिर पर हाथ फिराया और उसके बाद वह चुप हो गई। आरोपी भतीजी को उनके घर की चाभी देकर ताला लगाने का कहकर चला गया। भतीजी ताला लगा घर चली गई। निखिल का दूसरा भाई घर पहुंचा तो किशोरी ने घटना के बारे में बताया।

पीली पर्ची का झांसा देकर वारदात करने की अभी तक चार वारदात हो चुकी हैं। सभी वारदातों में आरोपी को पीड़ित के घर के बारे में पूरी जानकारी होती है। निखिल के परिवार के बारे में भी आरोपी को पूरी जानकारी थी। एसएचओ विजयनगर ने बताया कि घर से 3.2 लाख की ज्वेलरी और 22 हजार रुपये नकदी ले जाने की तहरीर मिली है। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मौके से सीसीटीवी फुटेज मिली हैं। फुटेज के आधार पर बदमाश की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

इस तरह की चोरी सच में सोचने पर मजबूर कर दे रही है कि आखिर कोई इन्सान इतना बेख़ौफ़ कैसे हो सकता है। आपसे निवेदन है कि सबसे पहले खुद को सुरक्षित रखें, किसी भी अनजान आदमी पर ऐसे भरोसा न करें।

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