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जिद थी दाढ़ी रखने की तो निकाल दिया एनसीसी कैंप से

जिद थी दाढ़ी रखने की तो निकाल दिया एनसीसी कैंप से

नई दिल्ली | जामिया मिलिया इसलामिया यूनिवर्सिटी के 10 छात्रों ने जब अपनी धार्मिक प्रतिबद्धिताओं का हवाला देते हुए लंबी दाढ़ी काटने से इंकार कर दिया तो उन्हें कथित रूप से एनसीसी कैंप से निकाल दिया गया। ये छात्र 6 दिनों के एक एनसीसी कैंप में भाग लेने के लिए रोहिणी स्थित एनसीसी मुख्यालय पहुंचे थे।

यूपी के बिजनौर के रहने वाले एलएलबी पहले वर्ष के स्टूडंट दिलशाद अहमद ने कहा, ‘हमने आवेदन दिया था कि हम धार्मिक वजहों से दाढ़ी रखते हैं और हम पिछले दो सालों से अधिक समय से एनसीसी का हिस्सा हैं और हमसे कभी भी दाढ़ी हटाने को नहीं कहा गया।’ दिलशाद ने आगे बताया, ‘कैम्प के छठे दिन हमें जबरन हटने को कह दिया गया और हमारे सामान को हटा दिया गया। हम भी किसी दिन सेना में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन इस तरह का रवैया तकलीफदेह है।’

एक और कैडेट मोहम्मद हमजा ने बताया कि वह तीन सालों से एनसीसी का हिस्सा हैं और वह आर्मी अटैचमेंट ट्रेनिंग कैम्प भी जा चुके हैं, लेकिन उन्हें कभी भी दाढ़ी रखने पर हटाया नहीं गया। एनसीसी के एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि कैम्प में दाढ़ी रखने की मंजूरी नहीं है और इसको लेकर हाई कोर्ट तथा रक्षा मंत्रालय की तरफ से भी आदेश मिले हुए हैं।

इस मामले में जब कमांडिंग ऑफिसर एस.बी.एस यादव से पूछा तो उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। स्टूडेंट्स के साथ मौजूद अधिकारी का कहना है कि वह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर को घटना की रिपोर्ट सौंपेंगे। यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक बयान में कहा है कि वह मामले की जांच कर पता लगाएगी कि कैम्प में क्या हुआ था। जामिया की मीडिया संयोजक साइमा सईद ने कहा कि हमारा पहला उद्देश्य हमारे स्टूडेंट्स को सहयोग और कानूनी रूप से मदद देना है।

संसार का कोई भी धर्म या संप्रदाय आपको अपने देश का कानून तोड़ने की सलाह नहीं देता है। यदि आप एनएनसी या सेना में भाग लेकर देश की सेवा करना चाहते हैं तो आपको नियम कानून मानने ही होंगे। धर्म और उसकी प्रथाओं का पालन करना आपका व्यक्तिगत विषय है, इसके आधार पर कानून के उल्लंघन की इजाजत हरगिज नहीं दी जा सकती है।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Sunday 21 जनवरी, 2018 00:26 AM