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शर्मनाक – सात बच्चों को पालने में था असमर्थ, बाप ने बेचा 10 हजार रुपये में बेटा

शर्मनाक – सात बच्चों को पालने में था असमर्थ, बाप ने बेचा 10 हजार रुपये में बेटा

बरेली | उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की एक शर्मनाक घटना में अपने बच्चों की भूख मिटाने को मां-बाप ने एक बेटे को दस हजार रुपये में बेच दिया। नादान बच्चे ने जब ख़रीदारों को रो-रोकर परेशान करना शुरू किया तो बच्चे को खरीदने वाले उसे नकटिया के पास छोड़कर चले गए। सर्द रात में एक स्थानीय व्यापारी ने उसे पुलिया पर लेटा देखा तो उसे थाने लेकर पहुंचा मगर पुलिसवालों ने बच्चे को अपने पास रखने से इंकार कर दिया और उसे व्यापारी को ही देख रेख के लिए सौंप दिया।

बरेली जिले के चनेहटा गांव निवासी व्यापारी हिमांशु यादव ने बताया कि वह रोज की तरह शनिवार शाम सात बजे के लगभग घर वापस लौट रहे थे। उन्होंने गांव के पास पुलिया पर एक बारह साल के बच्चे को रोता हुआ देखा। पूछने पर बच्चे ने बताया कि उसका नाम रामू यादव है। वह बदायूं के दातागंज का रहने वाला है। इसके बाद हिमांशु उसे कैंट थाने ले गए।
वहां बच्चे ने पुलिस को बताया कि वह सात भाई बहन है। उसकी तीन बहने हैं। वह भाइयों में दूसरे नंबर का है। मां-बाप बहुत गरीब हैं। परिवार को कभी खाने को मिलता है तो भूखे ही सोना पड़ता है। इसी तंगी के कारण मां-बाप ने उसे दस हजार रुपये में एक आदमी को बेच दिया। उसे खरीदने वाले अपने साथ शनिवार को लेकर बरेली आए और फिर किसी कारण से उसे नकटिया के पास छोड़कर चले गए। पीड़ित अंधेरे में भटकता हुआ चनेहटा गांव पहुंच गया। पुलिस ने उसकी बात सुनने के बाद बच्चे को हिमांशु को ही देख रेख के लिए दे दिया। जिसके बाद वह उसे अपने साथ दुकान पर ले गए।

हमारे राजनैतिक दल इस सच्चाई से भले ही कितना भी मुंह छुपाएं मगर इस बात में कोई शक नहीं कि भारत की बेतहाशा बढ़ती जनसंख्या अब काबू से बाहर हो चुकी है। यही कारण है कि सभी सरकारी योजनाएँ अब ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं। केंद्र और राजी सरकारों को चाहिए कि वे जल्द से जल्द ऐसा कानून बनाकर उसे सख्ती से लागू करें जिसके तहत 2 बच्चों से अधिक बच्चों वाले परिवारों को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से बंद हो जाएँ।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Tuesday 23 जनवरी, 2018 19:19 PM