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महाकौथिग मेले में उत्तराखंडी उत्पादों की बढ़ी बिक्री

महाकौथिग मेले में उत्तराखंडी उत्पादों की बढ़ी बिक्री

गाज़ियाबाद। इंदिरापुरम के शक्ति खंड-2 स्थित रामलीला मैदान में आयोजित महाकौथिग मेले के दूसरे दिन उत्तराखंड के उद्यमियों के विकास पर सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस मौके के मुख्य अतिथि नैनीताल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय लाल शाह थे। इस दौरान उद्यमियों ने उत्तराखंड में होने वाले मंडवे की पैदावार को प्रोत्साहन देने की अपील की। मेले में उत्तराखंड की फेमस स्थानीय खाद्य सामग्री उपलब्ध है।

व्यापारियों ने बताया कि उत्तराखंड में मंडवे के आटे का इस्तेमाल रोटी के अलावा चॉकलेट और बर्फी में किया जाता है। अगर दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंड समाज के प्रवासी लोग भी मंडवे की चॉकलेट और बर्फी के कारोबार में सहयोग करते हैं तो उत्तराखंड के व्यापार को पूरे देश में बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा सम्मेलन में मूली, गडेरी, भट्ट की दाल, गहत की दाल, बाल मिठाई आदि खाद्य सामग्रियों के उत्पादन पर भी चर्चा हुई। इस मौके पर गोपाल रावत, अनिल बहुगुणा, नरेंद्र बिष्ट, डीएस रावत, बलराज नेगी और दिनेश बिष्ट समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।

वहीं, उत्तराखंड के लोक कलाकार कल्पना चौहान, रोहित चौहान, नवीन पाठक, गौतम सुंडली और दीपा नगरकोटी ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों से कार्यक्रम में समां बांधा। बेडू पाको बारोमासा, बबली तेरी स्माइल, गोरी मुखड़ी सजली आदि गीतों पर उत्तराखंड समाज के लोगों ने जमकर ठुमके लगाए। मेले में आने वाले लोगों ने उत्तराखंड की मिठाईयों, गर्म कपड़ों और दालों की जमकर खरीदकारी की। पर्वतीय सांस्कृतिक समिति के संयोजक राजेंद्र चौहान ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से हर कम्युनिटी के लोग मेले का लुत्फ लेने आ रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ड्रोन कैमरों से मेला स्थल की निगरानी की जा रही है।

सुझाव- उत्तराखंड की संस्कृति एक अलग ही रंगों में सजी हुआ है, महाकौथिग मेला एक अच्छा अवसर है वहां की सभ्यता से जुड़ने का ,हर साल की तरह इस साल भी मेले में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार के मेले में ख़ास उत्तराखंड के व्यापार पर फोकस किया गया है। आप भी इसे जानने के लिए मेले में एक बार अवश्य जाएं। 

 

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