ताज़ा खबर :
prev next

विदेश से एमबीबीएस के लिए भी ‘नीट’ पास करना हुआ अनिवार्य

विदेश से एमबीबीएस के लिए भी ‘नीट’ पास करना हुआ अनिवार्य

नई दिल्ली। डॉक्टरी पढ़ने के लिए विदेश जाने वाले छात्रों को भी अब नेशनल एलिजिबलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट (नीट) पास करना अनिवार्य होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगले साल से इसे अनिवार्य करने का फैसला किया है। नीट को लेकर अगले कुछ दिनों में जारी होने वाली अधिसूचना में यह प्रावधान जोड़कर आ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने एमबीबीएस में एडमिशन के लिए चिकित्सा शिक्षा नियमन कानून में संशोधन किया था। इसके बाद भारत में डॉक्टर बनने के लिए नीट अनिवार्य हो गया है। इसी कानून के दायरे में यह बात भी आती है कि कोई भी भारतीय डॉक्टरी की डिग्री कहीं से भी लेता है तो पहले उसे नीट पास करना होगा। यदि कोई विदेशी नागरिक भारत में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहता है तो भी उसे नीट पास करना होगा।

मंत्रालय ने कहा कि 2018-19 के सत्र से जो भी छात्र विदेशों में मेडिकल पढ़ाई के इच्छुक हों, वे पहले नीट पास कर लें। विदेश जाने के लिए एमसीआई से अहर्ता प्रमाण पत्र लेना होता है। यह प्रमाण पत्र उन्हीं को मिलेगा जो नीट पास कर पाएंगे। यदि कोई बिना नीट पास किए विदेशों से मेडिकल की डिग्री लेते हैं तो वह देश में मान्य नहीं होगी। विदेशों से मेडिकल की डिग्री लेने के बाद स्क्रींनिग टेस्ट भी देना होता है। वह व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी। दूसरी तरफ नीट में करीब 12 लाख छात्र हर साल बैठते हैं। जिनमें से छह लाख इसे पास कर लेते हैं, लेकिन देश में सीटें सिर्फ 65 हजार के लिए है। अगले साल से नीट में सामान्य वर्ग 25 साल तक और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार 30 साल तक बैठ सकते हैं। तीन प्रयासों का प्रावधान खत्म किया गया है। साथ ही आने वाले समय में नीट की परीक्षा साल में दो बार होगी और छात्रों के बेस्ट स्कोर को शामिल किया जाएगा।

 

हमारा गाज़ियाबाद के एंड्राइड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।