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रोड से सीधा नर्क: जिसने नहीं पहना हेलमेट उसकी हेल में होगी मीटिंग

रोड से सीधा नर्क: जिसने नहीं पहना हेलमेट उसकी हेल में होगी मीटिंग

गाज़ियाबाद। सड़क दुर्घटना के बढ़ते हादसे के पीछे चालकों की लापरवाही अधिक होती है। जिसके कारण दुर्घटना के शिकार अधिकांश युवा वर्ग के लोग होते हैं। तेज रफ़्तार वाहन चलाने के कारण जहाँ एक तरफ हम स्वयं दुर्घटना के शिकार हो सकते वहीँ किसी और के मौत का कारण भी बन सकते हैं। आज के युवाओं में तेज रफ़्तार वाहन चलाने की होड़ मची है वहीँ हेलमेट नहीं पहनना उनका फैशन बना हुआ है। अधिक सुंदर दिखने और हेयर स्टाइल ख़राब न हो इसके लिए वे हेलमेट को नजरंदाज कर देते हैं। जिसका हर्जाना उन्हें जान गँवाकर भरना पड़ता है।

 

 

अब तक हमने और आपने जितना सोचा है, भारत में ड्राइविंग के कारण होने वाले मौत की संख्या उससे भी खतरनाक है। 2013 में प्रकाशित आंकड़ो के अनुसार, भारत में हर मिनट में एक दुर्घटना होती है। जब सभी विकसित देश आचनक मृत्यु दर को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, तो भारत की स्थिति पहले से भी ज्यादा बदतर हो गयी है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (2013) के द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, सड़क दुर्घटना के मामले दुनिया में भारत सबसे अधिक संख्या (105,725 लोग सड़क पर मृत्यु हो गई) वाला देश हैं। भारतीय राज्यों में महाराष्ट्र (जहां मुंबई में सबसे ज्यादा मौत के मामले हैं, मतलब 25,471 सड़क दुर्घटनाएं हैं), तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सड़क पर होने वाली मौतों के मामले में सबसे ऊपर हैं।

रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि कानून के नियमों की कमी और उस पर अमल न करना, शराब पी कर वाहन चलाना हेलमेट न लगना सीट बेल्ट और बच्चों को वाहन चलाने पर रोक न लगाना, भारत में इस प्रकार के हदासों का मुख्य कारण हैं। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि ये जानने के बवजूद भी की तेज रफ़्तार में वाहन चलाने से चालकों की मृत्यु भी हो सकती है, वे अपने इस करतूत से बाज नहीं आते ।

 

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By प्रगति शर्मा : Thursday 22 फ़रवरी, 2018 18:12 PM