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भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों का दोबारा तय हो सकता है मुआवजा

भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों का दोबारा तय हो सकता है मुआवजा

गाजियाबाद। शुक्रवार को मधुबन बापूधाम की 281 एकड़ भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों और जीडीए एवं प्रशासनिक अफसरों के बीच बैठक हुई। इसमें किसानों ने अपनी जमीन वापस मांगने और मुआवजा दोबारा तय करने की बात उठाई। प्रशासनिक अफसरों ने कानूनी सलाह के बाद किसानों की बात मानने का आश्वासन दिया है।

कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों के साथ बैठक की गई। किसान नेता सुधीर चौधरी ने कहा कि किसानों की जमीन पर अभी तक पेपर पजेशन जीडीए का ही है। ऐसे में जब जीडीए दोबारा से अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है तो उसे जमीन को किसानों के नाम करना चाहिए। साथ ही मुआवजा राशि दोबारा से तय किया जाना चाहिए।

किसान नेता सुदेश ने बताया कि एडीएम ने आश्वासन दिया कि इस मामले में कानूनी सलाह ली जाएगी। कोई कानूनी अड़चन सामने नहीं आई तो किसानों की समस्या दूर कर दी जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान में प्रशासन किसानों को सदरपुर गांव में छह हजार, नंगलापाट में 2400, रसूलपुर-याकूतपुर में 3100 और मैनापुर गांव की जमीन के लिए 5000 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से मुआवजा दे रहा है। उधर, किसान अपनी 281 एकड़ जमीन की एवज में गांव की जमीन के हिसाब से नहीं बल्कि मधुबन-बापूधाम कालोनी के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

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By हमारा गाज़ियाबाद संवाददाता : Sunday 22 अप्रैल, 2018 10:37 AM