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गर्भ में पल रहे शिशु की बढ़त रोक सकता है प्रदूषण

गर्भ में पल रहे शिशु की बढ़त रोक सकता है प्रदूषण

नई दिल्ली | प्रदूषण से मानव शरीर पर पड़ने वाले दुष्परिणामों के बारे में हर दिन नई खोजें सामने आ रही हैं। हाल ही में लंदन में हुए एक अध्ययन के मुताबिक प्रदूषण महिलाओं के पेट में पल रहे भ्रूण के लिए भी खतरा बन गया है। अध्ययन के अनुसार प्रदूषण की वजह से महिलाएं लो कम वजन वाले शिशुओं को जन्म देती हैं। ऐसे शिशुओं का जीवन बचना बहुत मुश्किल होता है। अध्ययन में बताया गया है कि प्रदूषण से भ्रूण का सही तरीके ग्रोथ नहीं हो पाता है।
इम्पेरियल कॉलेज लंदन, किंग्स कॉलेद लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन करीब 6,71,509 महिलाओं पर किया। इन सभी गर्भवती महिलाओं का पता भी मैप किया गया ताकि उनके क्षेत्र में प्रदूषण का क्या स्तर था उसे मापा जा सके। इसमें पाया गया कि जहां प्रदूषण ज्यादा है वहां के बच्चों का वजम कम है। स्टडी में पाया गया कि वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण गर्भवती महिलाओं के भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है। भ्रूण को गर्भाशय चारों ओर से किसी भी तरह के बाहरी नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है। गर्भवती महिलाओं में विषैले रसायनों की मौजूदगी की बात साबित की है जिसका प्रभाव गर्भाशय के अंदर भी पहुंच सकता है। स्टडी के मुताबिक जब मां बनने जा रही कोई महिला इन रसायानों और वायु प्रदूषण तत्वों के संपर्क में आती है तो उसकी कोख में पल रहे शिशु के स्वस्थ मस्तिष्क के विकास में अवरोध पैदा होता है। इसलिए भविष्य में बच्चों के स्वभाव और व्यवहार में असर दिखाई देता है।

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