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एनवायर्नमेंटल डेवलपमेंट प्लान से गाज़ियाबाद होगा प्रदूषण मुक्त

एनवायर्नमेंटल डेवलपमेंट प्लान से गाज़ियाबाद होगा प्रदूषण मुक्त

गाज़ियाबाद। शहर के एनवायर्नमेंटल डेवलपमेंट प्लान को तैयार करने के लिए बुधवार को प्रो. प्रमोद कुमार की अगुवाई में आईआईटी रुड़की की टीम गाजियाबाद पहुंच गई। टीम ने बुधवार को जीडीए वीसी रितु माहेश्वरी और सीएटीपी इश्तियाक अहमद के अलावा अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान आईआईटी रुड़की की टीम ने अलग-अलग विभाग के आंकड़े मांगे। यूपी में गाजियाबाद ऐसा पहला विकास प्राधिकरण होगा जो आईआईटी रुड़की से एनवायर्नमेंट डिवेलपमेंट प्लान बनवा रहा है। मालूम हो कि टीम ने एक रिपोर्ट बनाकर पहले ही जीडीए को भेजी थी। उस रिपोर्ट के आगे का प्लान तैयार करने के लिए यह टीम गाजियाबाद पहुंची है।

बता दें कि, पिछले दिनों एनजीटी में एक रिट फाइल के दौरान नगर निगम प्रशासन और जीडीए पर आरोप लगाया गया था कि वह कहीं भी कूड़ा डंप कर देते हैं। एनजीटी ने इस मामले में जीडीए को निर्देश दिया कि वह नगर निगम को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध कराने का कार्य करे। नगर निगम अभी तक जीडीए को जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है। ऐसे में जीडीए अब शहर की पर्यावरण संबंधी सभी तरह की समस्याओं के निस्तारण के लिए इस बार आईआईटी रुड़की से एनवायर्नमेंटल डिवेलपमेंट प्लान बनवा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, जीडीए के एक अधिकारी का दावा है कि सिटी में अभी तक सीवर, ड्रेन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का नेटवर्क नहीं बना है। आईआईटी रुड़की इसका नेटवर्क प्लान तैयार करेगा। जो सिटी के पर्यावरण के लिए लाभदायक होगा। फिलहाल सीवर ओवरफ्लो, ड्रेन नेटवर्क न होने के कारण यहां काफी समस्याएं हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनने के बाद जगह-जगह कूड़ा डंप करने की प्रथा बंद हो जाएगी। जीडीए का यह भी दावा है कि आईआईटी रुड़की इस प्लान को तैयार करने में 10 से 12 महीने का समय लेगी। इस प्लान के तैयार होने के बाद मास्टर प्लान में संबंधित सुविधाओं को विकसित करने के लिए पर्याप्त भी जमीन छोड़ी जाएगी।

 

 

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