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पढ़िए अपनी डीएम रितु माहेश्वरी को जिन्होंने लड़ी 64 हजार की बिजली चोरी की जंग

पढ़िए अपनी डीएम रितु माहेश्वरी को जिन्होंने लड़ी 64 हजार की बिजली चोरी की जंग

गाज़ियाबाद। गाज़ियाबाद की डीएम व जीडीए वीसी रितु महेश्वरी ने शहर में बिजली चोरी को मुश्किल ही नहीं नामुमकिन बना दिया। बता दें कि, उत्तर प्रदेश के लगभग 99 फीसदी गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। वहीं अर्थव्यवस्था को भी बिजली चोरी के चलते बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। जो कानपुर कभी ‘भारत का मैनचेस्टर’ कहा जाता था, वो आज बिजली कटौती की भयंकर समस्या से जूझ रहा है। गर्मियों में 45 डिग्री तक पारा पहुँचने वाले इस शहर में बेतहाशा बिजली कटौती होती है और व्यवस्था की इस नाकामी से लोगों को निजात दिलाने वाली यह पहली महिला अधिकारी है। आइये जानते हैं इनके जीवन की कुछ खास बातें।

2003 बैच की आईएएस अधिकारी रितु माहेश्वरी गोयल (39 वर्ष) ने बिजली चोरी रोकने के लिये उपाय शुरू कर दिये। कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी यानि केस्को में काम करने के दौरान उन्होंने बिजली चोरी से कंपनी को होने वाले नुकसान को रोकने के लिये कई कदम उठाये।पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ग्रेजुएट रितु माहेश्वरी को 2011 में केस्को के प्रमुख अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया और जल्द ही उन्होंने कंपनी के कई ग्राहकों के यहां नये मीटर लगवाये।

उनके द्वरा लगवाए गए ये मीटर डिजिटल थे, जिससे बिजली चोरी करना नामुमकिन था और अगर इनसे कोई छेड़छाड़ का प्रयास किया जाता था तो गड़बड़ी का आसानी से पता चल जाता था, वो भी उसी वक्त जबसे उन्होंने अपना पद संभाला, कंपनी का नुकसान 30 फीसदी से घटकर 15 फीसदी पर आ गया। रितु माहेश्वरी बिजली चोरी रोकने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती थीं। 2014 में इस विषय पर एक फिल्म भी बनाई गई थी, कटियाबाज। उस फिल्म में कानपुर में होने वाली बिजली चोरी और उस पर सख्ती लगाने वाली अधिकारी रितु माहेश्वरी के संघर्ष को दिखाया गया था।

केस्को के रेवेन्यू को बढ़ाने और कानपुर में बिजली चोरी रोकने के लिए अपने लेबल पर कोशिश स्टार्ट करती हैं। इस दौरान उन्होंने अपने डिपार्टमेंट के लोगों को बिजली चोरी करने वालों के कनेक्शन काटने और उन पर सख्त से सख्त जुमार्ना लगाने का आदेश देती है। इससे बिना बिल दिए एसी और कटिया से पूरी की पूरी फैक्टरी चलाने वालों के लिए आफत आ जाती है।

केस्को की जिम्मेदारी निभाने का बाद उनकी जिम्मेदारी बदल दी गई। बाद में उन्हें गाजियाबाद के डीएम पद को सुशोभित करने की जिम्मेदारी मिली। बता दें, मूलरूप से पंचकुला हरियाणा निवासी रितु के पति मयूर माहेश्वरी भी आईएएस हैं और फिलहाल पीएमओ में डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं। रितु इससे पहले गाजीपुर, जेपी नगर और पीलीभीत में डीएम रह चुकी हैं। इसके अलावा वह मेरठ विकास प्राधिकरण, हापुड़-पिलखुआ विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। रितु माहेश्वरी सरकारी कार्यों को कंप्यूटराज्ड सिस्टम में लाने के लिए ई-गवर्नेंस में नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है। यूएनओ के अंडर सेक्रेटरी जनरल फॉर आरोग्यम की तरफ से भी वह सम्मानित हो चुकी हैं।

 

 

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