ताज़ा खबर :
prev next

राज नगर एक्सटैन्शन चौराहे पर जल्द ही चालू होगा यू टर्न, क्या मिल पाएगी जाम से मुक्ति ?

राज नगर एक्सटैन्शन चौराहे पर जल्द ही चालू होगा यू टर्न, क्या मिल पाएगी जाम से मुक्ति ?

गाज़ियाबाद | हमारा शहर आरंभ से ही गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण के अकुशल अधिकारियों की अदूदर्शिता का शिकार रहा है। प्राधिकरण के बंद कमरों में बैठे इन प्रभावशाली अधिकारियों का ज़्यादातर समय मोटी कमाई के नए-नए अवसर तलाशने में लगा रहता है। एक शहर का नियोजित निर्माण कैसे हो, इसकी चिंता शायद ही किसी अधिकारी को हो। अकसर ये अधिकारी किसी भी समस्या पर जब तक ध्यान नहीं देते हैं जब तक कि वह नासूर न बन जाए और फिर फायर ब्रिगेड वालों की तरह आनन-फानन में समस्या का कोई ऐसा इलाज निकालते हैं जिससे समस्या फौरी तौर पर तो हल हो जाती है मगर अपने पीछे अनेक नई परेशानियाँ खड़ी कर देती है। ठाकुरद्वारा फ़्लाइओवर, कवि नगर जैन मंदिर आरओबी, गौशाला अंडरपास, एएलटी आरओबी जैसे शहर में अनेकों उदाहरण हैं जहां शहर के सुनियोजित निर्माण के लिये जिम्मेदार जीडीए के इन सुयोग्य अधिकारियों ने जनता की गाढ़ी कमाई के अरबों रुपये बर्बाद कर दिए हैं। जबकि समस्याएँ पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
राज नगर एक्सटैन्शन चौराहे पर हर दिन लगने वाला जाम भी गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण के अनियोजित विकास का ही नतीजा है। प्राधिकरण ने नेताओं के दबाव में और बिल्डरों से मिली करोड़ों रुपये कि रिश्वत के बदले राज नगर एक्सटैन्शन जैसी विशाल परियोजना तो खड़ी कर दी, मगर इससे गाज़ियाबाद विभिन्न सड़कों पर पड़ने वाले दबाव के बारे में कुछ नहीं सोचा। अब जब समस्या विकराल रूप ले चुकी है तो ये अधिकारी वक्ती तौर पर समाधान निकालने में लगे हुए हैं।
इस चौराहे को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए जीडीए ने एक प्लान बनाया है जिसके मुताबिक मेरठ की ओर जाने वाली सड़क को दोनों तरफ से 350-400 मीटर चौड़ा किया जाएगा। यहाँ बता देना उचित होगा कि ठीक मुख्य चौराहे के एक तरफ की जमीन पर शहर के एक ऐसे प्रभावशाली भूमाफिया का कब्जा है जो मौसम के हिसाब से पार्टियां बदलते हैं और पैसे के बल पर किसी भी अधिकारी को ट्रान्सफर करने या फिर खरीदने की ताकत रखते हैं। बहरहाल सड़क को चौड़ी करने के बाद यहाँ दो यू-टर्न बनाए जाएंगे और जिला प्रशासन को उम्मीद है कि फिलहाल लगभग 4.5 करोड़ रुपये खर्च कर वे इस महत्वपूर्ण चौराहे को जाम से मुक्ति दिला देंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बर्बाद हुए पैसे की रिकवरी कब और कैसे होगी, इसका जवाब शायद ही किसी के पास हो।

(व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी ख़बरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें
हमारा गाज़ियाबाद के एंड्राइड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैंआप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।

By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Thursday 14 दिसंबर, 2017 15:34 PM Updated